स्क्रीनिंग के लिए दरवाजा नहीं खोलते रहवासी, यहां सबसे बड़ा हॉट स्पॉट भोपाल

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े हॉट स्पॉट जहांगीराबाद में तो 322 पॉजिटिव सामने आ चुके हैं लेकिन इसके बाद भी लापरवाही जारी है। यहां लोग अब भी सैंपलिंग और स्क्रीनिंग से कतरा रहे हैं। आलम ये है कि जब हेल्थ वर्कर घरों पर जाकर दस्तक देते हैं तो लोग दरवाजा तक नहीं खोलते।
यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के डॉ. अंकुर जोशी व डॉ. अभिजीत पाठे द्वारा 12 मई को जहांगीराबाद इलाके के दौरे के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में कही गई है। रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल जिले के एक चौथाई केस यहीं मिले हैं। इसी तरह 17 मई को टीम के सदस्य मंगलवारा और तलैया के कंटेनमेंट एरिया में पहुंचे। यहां 50 में से 34 लोगों (68 %) ने मास्क नहीं पहना था। जिन्होंने मास्क पहना था उनमें से 9 लोग ऐसे थे, जिन्होंने मास्क सही तरीके से नहीं लगाया था, यानी नाक कवर नहीं थी।
लगातार संक्रमण के यह कारण है
सघन आबादी वाले इन इलाकों में घर एक दूसरे से सटे हैं। तथा परिवार में सदस्यों की संख्या ज्यादा है। गलियों में आमने-सामने घर हैं। इस वजह से कई बार जरूरी दूरी बनाए रखना मुश्किल है। अंदरुनी गलियों तक पुलिस व स्वास्थ्यकर्मी नजर नहीं रख पाते। संकरी गलियां होने की वजह से लोगों का मिलना-जुलना जारी है। इससे रोकना मुश्किल हो रहा है। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना बड़ी चुनौती है।
इस तरह रोका जा सकता है संक्रमण
यह सुनिश्चित किया जाए कि ज्यादा से ज्यादा लोग मास्क पहनें। कंटेनमेंट एिरया में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। नॉन कंटेनमेंट इलाकों में रहने वाले व्यक्ति को किसी भी सूरत में कंटेनमेंट जोन के इलाकों में न जाने दिया जाए। संक्रमण रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बेहद जरूरी है। इसके बारे में लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरुक किया जाए।








