सुपरमॉम मेरीकॉम ने रचा इतिहास, ऐसा कमाल करने वाली दुनिया की पहली मुक्केबाज बनीं

उलान उदे (रुस)। भारत की दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने गुरुवार को महिला वर्ल्ड मुक्केबाजी चैंपियनशिप में 51 किग्रा के सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। मैरी कॉम ने इसी के साथ वर्ल्ड मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपना आठवां पदक पक्का कर लिया और वे यह कमाल करने वाली दुनिया की पहली मुक्केबाज बन गई।
मैरी कॉम ने क्वार्टरफाइनल मुकाबले में कोलंबिया की वेलेंसिया विक्टोरिया को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराया। इस जीत के साथ मैरी कॉम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में सबसे सफल मुक्केबाज के अपने ही रिकॉर्ड को बेहतर किया। वे अभी तक वर्ल्ड चैंपियनशिप में 6 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीत चुकी हैं। मैरी कॉम ने पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में 51 किग्रा वर्ग में पदक पक्का किया, इससे पहले वे इस वर्ग में क्वार्टरफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई थी। अब मैरी कॉम की निगाहें वर्ल्ड चैंपियनशिप में रिकॉर्ड सातवां स्वर्ण पदक हासिल करने पर टिकी रहेंगी।
जमुना बोरो (54 किग्रा) और लोवलिना बोर्गोहेन (69 किग्रा), मंजू रानी (48 किग्रा) और कविता चहल (+81 किग्रा) पहले ही अपने-अपने वर्गों में क्वार्टरफाइनल में पहुंच चुकी है। पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेल रही जमुना ने पांचवें क्रम की अल्जीरिया की औडेड सौह को 5-0 से हराया। जमुना का अब मुकाबला चौथे क्रम की बेलारुस की युलिया अपानासोविच से होगा। 69 किग्रा वर्ग में लोवलिना ने मोरक्को की ओमाय्मा बेल अहबीब को एकतरफा अंदाज में 5-0 से पराजित किया। अब उनका मुकाबला छठे क्रम की पोलैंड की केरोलिना कोस्जेवस्का से होगा, जिन्होंने उज्बेकिस्तान की शाखनोजा युनुसोवा को हराया।








