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सीएससी से आत्म निर्भर भारत की परिकल्पना

भारत सरकार के द्वारा कोविड महामारी के बाद  प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा आत्म निर्भर भारत का स्वप्न देखा गया है ये आत्म निर्भर भारत शिक्षा ,स्वस्थ इत्यादि कई चीजों को विभागों का समावेश है एक स्टार्ट अप है जिसके लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक नित नए आयाम स्थापित किए जा रहे है ताकि हमारा भारत देश आत्म निर्भरता की ओर बढ़ सके ।

क्या है आत्म निर्भर भारत
आत्म निर्भर भारत अभियान देश को कॉरोना संकट से हुए नुकसान से बाहर निकालने के लिए आरंभ किया गया था वर्तमान समय में आत्म निर्भर भारत का तीसरा चरण प्रारंभ किया जा चुका है जिसमे 12 नई योजनाएं आरंभ की गई है जिसके माध्यम से देश की इकोनॉमी आगे बढ़ेगी ,इस चरण के अंतर्गत नौकरी से लेकर व्यवसाय तक सभी क्षेत्रों को कवर किया गया है ।

आत्म निर्भर भारत अभियान के 5 स्तम्भ
✔️ अर्थव्यवस्था
✔️ अवसंरचना
✔️ प्रौद्योगकी संचालित प्रणाली
✔️ वाइब्रेंट डेमोग्राफी
✔️ मांग

प्रौद्योगिकी संचालित प्रणाली अंतर्गत सम्पूर्ण देश में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आई टी मंत्रालय द्वारा सीएससी ई गवर्नंस कार्य कर रही है जिसके प्रत्येक ग्राम पंचायतों तक पहुंच है तथा ये सीएससी केंद्र संचालक जिन्हें वी एल ई कहा जाता है उनको प्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जोड़ा गया है ये डिजिटल ओर वित्तीय समावेश से समाज में योगदान प्रदान करते है साथ ही ग्रामीण उद्यमशीलता को बढ़ावा देना ओर आजीविका के साधन उपलब्ध कराना मुख्य उद्देश्य है ,विदित है कि भारत देश कि अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है तथा पूरे देश मे लॉक डाउन के समय उत्पन्न हुए आजीविका के संकट में सीएससी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो के लिए सीएससी ग्रामीण ई स्टोर प्रोजेक्ट लाया गया था तथा अभी तक सीएससी ग्रामीण ई स्टोर ऐप से 2 मिलियन ऑनलाइन ऑर्डर लगाए जा चुके है ।

सीएससी ग्रामीण ई स्टोर
सीएससी ग्रामीण ई स्टोर एक एप है जैसे कि अमेज़न, फ्लिपकार्ट इत्यादि है पर ये ग्रामीण ई स्टोर ग्रामीण उत्पाद को ऑनलाइन बेचने का एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाता है ,आप जो भी ऑर्डर करेंगे उसकी होम डिलेवरी आपके गांव तक पहुंचाई जाएगी इसमें जरूरत की सभी वस्तुएं उपलब्ध है जिसमे छोटे प्रोडक्ट से लेकर बड़े बड़े ब्रांड के प्रोडक्ट भी उपलब्ध है ।

क्यों है सबसे अलग एवं खास सीएससी ग्रामीण ई स्टोर

इस पर सीएससी के स्टेट मैनेजर उपेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि लॉकडाउन के समय में इस ऐप को लॉन्च किया गया था जिसमें कस्टमर ऐप ओर ऑर्डर ऐप दो ऐप होते है जो हमारे सीएससी संचालक होते है वो शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक फैले हुए है जहां पर लॉक डाउन में आम जनता जरूरी समान के लिए परेशान थी तो कहीं ना कहीं हमारे संचालकों के सामने भी रोजी रोटी की समस्या थी उस समय पर अति आवश्यक सेवा के नियमनुसार वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ऐप को लॉन्च किया इसके माध्यम से कस्टमर अपने जरूरत के समान का ऑर्डर लगाते थे तथा उस रेंज का जो सीएससी संचालक होता था उसको ऑर्डर प्राप्त होता था वो मटेरियल लेकर होम डिलेवरी करता था जिसमे सब्जी, राशन जरूरत की सभी वस्तुएं आती थी और कैश पेमेंट लेता था जिसके लिए सीएससी संचालक अपने साथ 4-5 व्यक्तियों को जोड़ सकता है जिन्हे सीएससी डिजिटल कैडेट कहा जाता है ।

आत्म निर्भर में नया
सीएससी मैनेजर उपेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि अब जब लॉक डाउन कम हो रहा है जीवन धीरे धीरे नॉर्मल हो रहा है तो आमदनी ओर इनकम की व्यस्था करना एक बड़ा चैलेंज के रूप में ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ा हुआ है जिसके लिए सरकार ओर प्रशाशन द्वारा लगातार कार्य किए जा रहे है उसी क्रम में एक नया नवाचार मध्य प्रदेश से करने का प्लान आया । ज्ञात है की ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी घरों में पशु का पालन किया जाता है जिसमें गाय भैंस इत्यादि होते है जिनसे गोबर प्राप्त होता है ग्रामीण महिलाए इन गोबर से कंडे बनाती है तथा आज भी कंडो का उपयोग ग्रामीण क्षेत्र ओर शहरी क्षेत्र में पूजा ,हवन, पार्टी , पिकनिक इत्यादि कार्यों में किया जाता है इसके अलावा बचे हुए गोबर को एक स्थान में गावों में एकत्रित किया जाता है जिससे शुद्ध देशी खाद उत्पन्न होती है जिसकी आवश्यकता भी शहरी क्षेत्रो के नागरिकों को गमलों के लिए , गार्डेनिंग के लिए होती है पर ग्रामीण महिलाओं को इसका उचित रेट ओर प्लेटफॉर्म नहीं मिल पाता है इसलिए मध्य प्रदेश के कटनी जिले में इस पायलेट प्रोजेक्ट को तैयार किया साथ ही प्रोडक्ट में कंडे ओर गोबर खाद को जोड़ा गया तथा सीएससी वी एल ई के द्वारा उनका ऑर्डर डिलीवर किया जा रहा है ।

आगे आने वाले दिनों में स्वसहायता समूह के माध्यम से भी इस व्यवसाय को बड़े स्तर पर उपलब्ध करा जाएगा तथा ग्रामीण महिलाओं को काम के साथ साथ आत्मनिर्भर बनाया जाएगा ।

इनका कहना है
हमने सीएससी ग्रामीण ई स्टोर के माध्यम से कटनी में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में इसको स्टार्ट किया था जिसका अच्छा रिजल्ट मिला है आगे हम इसको ओर बड़े रूप में करने का प्लान बना रहे है ।

कमलेश बंजारिया (स्टेट हैड सीएससी मध्य प्रदेश)

आत्म निर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए धरातल से इसको प्रारंभ किया है तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश से आने वाले दिनों में ओर अधिक कार्य किया जाएगा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगरोन्मुखी प्रोडक्ट को सीएससी के माध्यम से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा हम ओरिजनल ओर शुद्ध प्रोडक्ट कम कीमत में मार्केट में लाएंगे ओर हमारे संचालक घर घर तक डिलेवरी करेंगे ।
उपेन्द्र त्रिपाठी ( स्टेट मैनेजर सीएससी मध्य प्रदेश)

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम