Latestमध्यप्रदेश

सीएम शिवराज ने उठाया ध्वज, साधना ने सिर पर रखा कलश

उज्जैन। खंडवा के ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने के उद्देश्य से मंगलवार को प्रदेश के चार स्थानों से एकात्म यात्रा निकाली गई।

 

images 9 1

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने उज्जैन में यात्रा का शुभारंभ किया। वे साधु-संतों के साथ ध्वज लेकर पैदल भी चले। पत्नी साधनासिंह सिर पर कलश लेकर चल रही थीं। इससे पहले दोनों ने महाकाल की पूजा-अर्चना की। सीएम ने मंदिर में हो रहे निर्माण कार्यों को भी देखा। उज्जैन के बाद रीवा में मुख्यमंत्री ने यात्रा का शुभारंभ किया।

यात्रा में संत विश्वेश्वरानंद आदि शंकराचार्य की चरण पादुकाएं सिर पर लेकर चल रहे थे। नगर में निकली यात्रा में संत परमात्मानंद सरस्वती, बालयोगी उमेशनाथजी सहित कई साधु-संत व श्रद्धालु शामिल थे। आरंभ में शंकराचार्यजी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्लन और चरण पादुकाओं की पूजा के बाद जनसंवाद किया गया।

ओंकारेश्वर बनेगा वेदांत दर्शन का केंद्र

यात्रा आरंभ करने से पहले मुख्यमंत्री ने जनसंवाद कार्यक्रम में कहा- सरकार का काम केवल पुल-पुलिया बनाना ही नहीं, जनता की जिंदगी बनाना भी है। एकात्म यात्रा के माध्यम से आज जो धर्म का स्वरूप बचा है वह आदि शंकराचार्यजी के कारण है। वे न होते तो भारत का स्वरूप भी नहीं होता। शंकराचार्यजी ने पूरे उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक जोड़ने का काम किया। उन्हीं के कारण भारत एक हुआ। आज की पीढ़ी शंकराचार्यजी की भूलती जा रही है। उनकी प्रतिमा स्थापित कर ओंकारेश्वर को वेदांत दर्शन का अद्भुत केंद्र बनाएंगे।

क्यों निकाली जा रही यात्रा

-ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापना के लिए ध्ाातु संग्रहण और जन जागरण अभियान के लिए ये यात्रा निकाली जा रही है। उज्जैन के अलावा, ओंकारेश्वर, रीवा और अमरकंटक से मंगलवार को यात्रा की शुरुआत हुई। सभी यात्राएं 22 जनवरी को ओंकारेश्वर पहुंचेंगी और प्रतिमा स्थापना के लिए भूमिपूजन होगा। इसमें सीएम चौहान शामिल होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button