Monday, April 6, 2026
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सांप से खेलने वाली 11 वर्षीय अक्षरा की टॉवेल ने ली जान

भोपाल। थ्री ईएमई सेंटर स्थित स्टाफ क्वार्टर में हवलदार की 11 साल की बेटी की टॉवेल में गला फंसकर मौत हो गई। वह स्टंट, तलवारबाजी में माहिर थी। अंदाजा है कि खिड़की में लटका टॉवेल अचानक उसके गले में फंस गई, जिससे दम घुट गया। महज 11 साल की उम्र में अब छात्रा दो हजार से ज्यादा सांप पकड़ चुकी थी।

ये हादसा थ्री ईएमई सेंटर (Three EME Center) के स्टाफ क्वार्टर में रहने वाले अमोल जाधव के घर गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे हुआ। अमोल सेंटर में इंस्ट्रक्टर (हवलदार) हैं। वे 7 साल के बेटे शिवम, पत्नी पल्लवी और बेटी अक्षरा (11) (Shivam, wife Pallavi and daughter Akshara) के साथ रहते हैं। रोज की तरह अमोल जाधव ड्यूटी पर थे और पल्लवी व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए गई थीं। एसडीओपी दीपक नायक ने बताया कि अक्षरा कमरे की खिड़की पर लटकी टॉवेल से स्टंट कर रही थी। तभी पैर फिसला और टॉवेल गले में फंस गई। शिवम दौड़कर पड़ोस में पहुंचा और आंटी से बोला दीदी बात नहीं कर रही है। सूचना पर पिता अक्षरा को आर्मी हॉस्पिटल ले गए, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।

11 साल की उम्र में अक्षरा ने दो हजार से भी अधिक सांप पकड़े थे

अक्षरा आर्मी पब्लिक स्कूल में कक्षा पांचवीं की छात्रा थी। कला, हैंडीक्राफ्ट, तलवारबाजी और स्टंट में वह माहिर थी। अमूल ने बताया कि मार्च 2017 में राजस्थान के गंगानगर से मेरा भोपाल ट्रांसफर हुआ। मैं अब तक नौ हजार से ज्यादा सांप पकड़ चुका हूं। कुछ सालों में ही अक्षरा भी मेरे साथ सांप पकड़ना सीख गई थी। अब तक वह अकेले दो हजार से ज्यादा सांप पकड़ चुकी थी। इसके लिए सेंटर द्वारा उसे पुरस्कृत भी किया गया था।
को याद करते हुए अमूल जाधव की आंखें भर आईं। रुंधे गले से वे बोले कि अक्षरा तो मेरा गुरुर और विश्वास थी। नवरात्रि में सबके घर दुर्गा आई हैं और मेरी दुर्गा मुझे हमेशा के लिए छोड़ गई। उसे मैंने शेरनी जैसा बनाया था। दस बेटों के बराबर थी बेटी। ईएमई सेंटर में वह इतनी चर्चित थी कि लोग कहने लगे थे कि आप लोग अक्षरा के मम्मी-पापा हैं न!

 

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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