
LIVE Sharad Purnima 2020: आरोग्य का पर्व शरद पूर्णिमा आज शाम 5.45 पर आरंंभ हो गया है। अगले दिन 31 अक्टूबर रात 8 बजकर 21 मिनट पर पूर्णिमा तिथि समाप्त होगी। 30 अक्टूबर को पूर्णिमा तिथि आरंभ होने के कारण इसी दिन शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी।
आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 30 अक्टूबर शुक्रवार शाम 5:46 पर लग रही है जो कि 31 अक्टूबर शनिवार को रात्रि 8:19 तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार पूर्णिमा तिथि 31 अक्टूबर, शनिवार को रहेगा जिसके फलस्वरूप स्नान दान व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठान इसी दिन संपन्न होंगे। शरद पूर्णिमा का अमृतमयी चांद अपनी किरणों में स्वास्थ्य का वरदान लेकर आता है।
शरद पूर्णिमा हिंदू पंचांग में सबसे धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण पूर्णिमा की रातों में से एक है। इस वर्ष यह 30 अक्टूबर को है। यह पर्व शरद ऋतु (ऋतु) में आता है और यह आश्विन (सितंबर / अक्टूबर) के महीने में पूर्णिमा (पूर्णिमा की रात) तिथि को मनाया जाता है। इस उत्सव को कौमुदी, यानी मूनलाइट या कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। शरद पूर्णिमा को भारत के कई राज्यों में फसल उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है और मानसून के बाद सर्दियों के मौसम की शुरुआत भी होती है। इस समय सबसे विशेष महत्व खीर खाने का माना जाता है। चंद्रमा की रोशनी में खीर को रखा जाता है और किरणों को उसके प्रभाव में पूरी तरह आने के बाद इस खीर को रोगियों को दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि खीर के सेवन से रोगों का इलाज हो जाता है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं शरद पूर्णिमा कब है, किस समय से किस समय तक रहेगी, इसकी पूजा की विधि क्या है, मंत्र क्या है, शुभ मूहूर्त क्या है और पूर्णिमा पर खीर का क्या महत्व है।








