शनिदेव को तेल चढ़ाने के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
मल्टीमीडिया डेस्क। शनिदेव की साढ़े साती और ढैय्या में कई व्यक्ति को घर से लेकर ऑफिस तक के काम-काज में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार ज्योतिषीय उपाय के रूप में बताया जाता है कि शनिदेव को तेल चढ़ाया जाए। इसके अलावा शनिदेव की कृपा हासिल करने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे भी दिया जलाने को कहा जाता है।
मगर, यदि आप कुछ बातों का ध्यान नहीं रख रहे हैं, तो फिर यह सारी मेहनत बेकार जाने वाली है। तेल दान करने और दीपक जलाने का कोई लाभ नहीं होगा। आमतौर पर लोगों को उपाय तो बता दिया जाता है, या लोगों को उसके बारे में जानकारी होती है। मगर, वे यह नहीं जानते हैं कि उन्हें किस तरह से करना है। जानते हैं इसके बारे में…
लोहे के बर्तन से चढ़ाएं तेल
अक्सर शनि मंदिरों के बाहर प्लास्टिक की बोतलों में या स्टील की कटोरी में तेल मिलता है। लोग इसे वैसे ही ले जाकर चढ़ा देते हैं। इससे पूरा लाभ नहीं मिलता है। सबसे अच्छा तरीका यह है कि लोह के बर्तन में तेल को डाला जाए, फिर उसे शनि प्रतिमा पर चढ़ाया जाए।
तेल में चेहरा देखें
शनिदेव को तेल चढ़ाते वक्त सबसे महत्वपूर्ण बात कि तेल चढ़ाने से पहले तेल में अपना चेहरा देखें। ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और जातक पर चल रहे संकट और दोषों को दूर करते हैं।
सफाई का रखें ध्यान
यदि आप घर से तेल लेकर जा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि वह साफ और स्वच्छ हो। उसे गंदे हाथों से नहीं छुआ गया हो और घर का खाना बनाने के दौरान उसका इस्तेमाल नहीं किया गया हो।

