सुपर वैक्सीन वायरस बदलेगा स्ट्रेन तब भी काम करेगी दवा
नई दिल्ली । वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के लिए ऐसी वैक्सीन बनाने में शुरूआती सफलता हालिस कर ली है जो कोरोना से ठीक हो चुके लोगों से भी कई गुना ज्यादा एंटीबॉडी पैदा करने में सक्षम है। सेल नाम के जर्नल में पब्लिश स्टडी के मुताबिक, वैक्सीन ने चूहों में वैक्सीन की डोज 6 गुना कम करने पर भी 10 गुना ज्यादा न्यूट्रलाइजिंग ऐंटीबॉडीज जेनरेट कीं। नैनो पार्टिकल से बनी कोरोना की नई वैक्सीन चूहों में उन लोगों से कई गुना ज्यादा न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज पैदा करने में सक्षम है, जो कोरोना से रिकवर हो चुके हैं ।
इस वैक्सीन के जानवरों पर टेस्ट के नतीजे बहुत अच्छे मिले हैं। इसके अलावा वैक्सीन ने शक्तिशाली ई-सेल इम्यून रेस्पांस भी दिखाया।
इससे वैक्सीन के लंबे समय तक असरदार होने की उम्मीद को बल मिला है। रिसर्चर्स के मुताबिक, जब एक बंदर को वैक्सीन दी गई दी तो उसने शरीर में बनीं एंटीबॉडीज ने कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन पर कई तरफ से हमला किया। वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका मतलब यह है कि वैक्सीन वायरस के म्यूटेटेड स्ट्रेन के प्रति भी सुरक्षा दे सकती है ।
स्टडी के मुताबिक, इस कोरोना वारयस टीका का मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर काफी हद तक एक वायरस की नकल करता है। शायद इसी वजह से वैक्सीन की इम्युन रेस्पांस ट्रिगर करने की क्षमता बढ़ गई है। स्टडी के को-ऑथर नील किंग ने कहा – हमें उम्मीद है कि हमारे नैनो पार्टिकल प्लेटफॉर्म से इस महामारी से लड़ने में मदद मिलेगी। इस वैक्सीन का लाइसेंस यूनिवर्सिटी बिना किसी चार्ज के देने को तैयार है ।

