विटनरी विवाद से कई अधिकारियों की बल्लेे-बल्ले
आपसी राजनीति निम्र स्तर पर पहुंची
जबलपुर। विटनरी कुलपति डॉ प्रयागदत्त जुयाल के खिलाफ महिला द्वारा दैहिक शोषण का आरोप लगाने के बाद हड़कम्प की स्थिति निर्मित हो गयी है। गुरूवार को एक पत्रकारवार्ता कर महिला ने कुलपति पर विगत एक वर्ष से डरा धमकाकर बलात्कार करने और ब्लेकमेल करने के साथ ही जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए है। हालांकि यह बात अलग है कि महिला थाना प्रभारी द्वारा बार बार यह पुष्टि की गई है कि आरोप लगा रही महिला बार बार बुलावे के बाद भी बयान दर्ज करने नही आई है थाना प्रभारी के इस बयान ने भी मामलें को संदिग्ध बना दिया है।गौरतलब है कि विटनरी विश्वविद्यालय में रोजाना आ रहे विवादों के मद्देनजर अब सवाल खड़े होने शुरू हो गए है।
कही यह साजिश तो नही
विदित हो कि यश भारत विटनरी में चल रहे घटनाक्रम को प्रमुखता से उठाता चला आ रहा था। विगत कुछ माह से प्रशासनिक खींचातानी यहां लगातार चल रही थी। विटनरी के कुछ अधिकारी लगातार कुलपति पर आरोप लगाते आ रहे थे । वही ताजा घटनाक्रम इस बात की ओर संकेत करता है कि कही यह कुलपति को हटाने की मुहिम का हिस्सा ना हो।
विटनरी में हर दिन नया विवाद क्यूं
विटनरी में विगत दो माह से आ रही विवाद की खबरों में यह स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि यहां लगातार कुलपति को निशाने पर लिया जा रहा है। विटनरी प्रशासन से जुड़े लोगों की मनमर्जी के मुताबिक कुलपति का ना चलना भी एक वजह इन सारे विवादों की जननी कहा जा सकता है।
पद पाने की चाह
विटनरी में कुलपति की कुर्सी पाने की चाह भी यहां कई अधिकारी पाले हुए है हो सकता है कही यह कुलपति पद को पाने की नयी साजिश का हिस्सा हो यह सोचनीय तथ्य है कि महिला को बार बार इस मुद्दे पर थाना प्रभारी द्वारा बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया, लेकिन महिला ने अभी तक थाने पहुंच अपने लिखित बयान दर्ज नही कराए है। समूचे विवाद पर सरसरी नजर डालने पर मन में यह शंका जरूर घर करती है कि दैहिक शोषण का आरोप कही इन साजिशों का हिस्सा ना हो।
छात्र संगठन आंदोलन को तैयार
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महानगर संयोजक सर्वम सिंह राठौर का कहना है कि अगर इस प्रकार की घटना हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए अन्यथा अखिल भारतीय विद्यार्थी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

