लॉकडाउन में पुलिस और सफाई कर्मचारियों में खूनी संघर्ष; 6 घायल, दरोगा व सिपाही ने भागकर बचाई जान

झांसी. झांसी जिले के समथर थाना क्षेत्र में कोरोना वॉरियर्स के बीच कहासुनी के बाद खूनी संघर्ष हो गया। इस संघर्ष में एसआई और एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मारपीट में तीन सफाई कर्मचारी भी घायल हो गए। इधर सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। आईजी सुभाष सिंह बघेल ने पूरे मामले मे जांच के आदेश दिए हैं।
झांसी जिले के समथर नगर पालिका के सफाई कर्मचारी क्षेत्र में सफाई कर रहे थे। इसी दौरान वहां एसआई ज्ञानेश्वर विश्वकर्मा अपने सिपाही के साथ वहां से गुजरे। यह तभी उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि सफाई कर्मचारियों ने दरोगा और सिपाही पर हमला बोल दिया। इसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। किसी प्रकार दरोगा और सिपाही ने भागकर अपनी जान बचाई। इस दौरान दरोगा और सिपाही घायल हो गए।
फिलहाल मौके पर पहुंचे सीओ मोठ अभिषेक राहुल ने दोनों पक्षों को शांत कराया। सफाईकर्मियों ने भी पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए करवाई की मांग की है। इस घटना के बाबत पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराकर जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवैध कारोबार बंद होने से खफा थे बदमाश
इस बीच, एसआई ज्ञानेश्वर विश्वकर्मा ने बताया, एसओ समथर ने मुझे फोन पर सूचना दी कि मंडी में भीड़ बहुत लगी है। मैं मौके पर पहुंचा और वहां से भीड़ को हटाया। वहां जुआ और सट्टा के कुछ कारोबारी मौजूद थे। जिनका अवैध कारोबार कुछ दिन पहले मैंने बंद करवा दिया था। आज जब ड्यूटी के दौरान पुलिस कर्मचारी सतीश और आशु को निहत्था देखा तो बदमाशों ने उनके साथ मारपीट कर दी। मैंने बीच-बचाव की कोशिश की तो मेरे साथ भी उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में तीनों पुलिसकर्मी घायल है जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कर दिया गया है। फिलहाल घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।
वहीं, आरोपी समथर नगर पालिका में तैनात सफाई कर्मचारी सागर ने बताया- मैं कूड़ा उठा रहा था तभी दारोगा ने पीछे पर मुझे रॉड से मारा। मैंने उन्हें अपना परिचय देते हुए बताया कि मैं नगरपालिका का कर्मचारी हूं तो वह गाली गलौज करते हुए बोले यहां से भागो कोई काम नहीं होगा। इसके बाद उन्होंने मेरे हाथ में मार दिया और मैं जख्मी हो गया। मैं नगरपालिका पहुंचा और अपने साथियों को पूरी घटना की जानकारी दी। इतने में दारोगा नगरपालिका भी पहुंच गया और फिर विवाद करने लगा। इसके बाद मेरे साथियों और पुलिस के बीच हाथापाई हो गई।








