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रिया चक्रवर्ती बोलीं- हां मैंने सुशांत के शव के सामने ‘सॉरी बाबू’ कहा था, मैं और क्या कह सकती थी, उसकी मौत को मजाक बना दिया

Sushant सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद इस मामले में उनके परिवार और फैंस के निशाने पर रहीं रिया चक्रवर्ती गुरुवार को सामने आईं। एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपने ऊपर लग रहे तमाम आरोपों को लेकर सफाई दी। इस दौरान उन्होंने सुशांत की मौत की खबर मिलने से लेकर आखिरी बार उन्हें ‘सॉरी बाबू’ कहने और शवगृह में रुकने तक का पूरा घटनाक्रम बताया।

न्यूज चैनल इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में रिया ने सुशांत की मौत की खबर मिलने को लेकर कहा, ’14 जून को मैं दोपहर करीब 2 अपने घर में अपने भाई के साथ अपने कमरे में थी। मेरी एक दोस्त हैं उनका मुझे फोन आया था कि ऐसी अफवाहें हैं कि ऐसा-ऐसा हुआ है तो इन अफवाहों को रोको अभी। वो नहीं जानती थीं कि मैं अपने घर में हूं। कहां हो तुम, सुशांत को बोलो कि वो बयान जारी करे और तभी मुझे लगा कि ऐसी अफवाह कैसे आ सकती है। तभी 10-15 मिनट के अंदर ही कहीं से स्पष्टीकरण आ गया।’

सुशांत का परिवार नहीं चाहता था कि मैं वहां जाऊं

सुशांत की मौत की खबर मिलने के बाद उन्हें देखने के लिए उनके घर जाने के बारे में रिया ने कहा, ‘नहीं मैं उनके घर नहीं गई थी। मैं टूट चुकी थी, मैं पूरी तरह सदमे में थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा कैसे हो सकता है। मुझे बताया गया कि उनके फ्यूनरल में आने वाले लोगों की लिस्ट में मेरा नाम नहीं हैं। इंडस्ट्री के काफी लोगों का नाम था। मुझे उनसे पता चला कि मैं बिल्कुल नहीं जा सकती हूं। क्योंकि मेरा नाम नहीं है और वो लोग मुझे वहां नहीं चाहते। उनका परिवार नहीं चाहता था कि मैं वहां मौजूद रहूं।’

कूपर अस्पताल के शवगृह के बाहर रिया चक्रवर्ती
कूपर अस्पताल के शवगृह के बाहर रिया चक्रवर्ती

फ्यूनरल के लिए आने वाले लोगों में मेरा नाम नहीं था

रिया ने बताया ‘मैं उनके फ्यूनरल में जाने के लिए तैयार थी, लेकिन मेरे इंडस्ट्री के जो एक-दो दोस्त इन्वाइटेड थे, उन्होंने फोन करके और एक ने मुझे घर आकर भी समझाया गया कि तुम वहां नहीं जा सकती। क्योंकि वो लोग तुम्हें नहीं चाहते, तुम लिस्ट में भी नहीं हो, तुम जलील होगी और तुम्हें निकाल दिया जाएगा, तुम्हारी मानसिक स्थिति वैसे ही ठीक नहीं है। तो तुम मत आओ और ये बात मुझे दिन में ही पता चल गई थी, क्योंकि हम सुबह से इंतजार कर रहे थे कि कब हमें पता चलेगा कि कब मैं सुशांत से मिल सकूं और इसलिए मेरे दो दोस्तों ने मुझे कहा कि आपके लिए बहुत जरूरी है कि आप उनकी बॉडी एकबार देखें। नहीं तो आपको इस बात पर कभी यकीन नहीं होगा, आप नहीं मान पाएंगी कि ऐसा हुआ है और ये स्वीकारना बहुत मुश्किल होता है।’

उस दिन रिया अपने दोस्तों के साथ सुशांत के अंतिम दर्शन के लिए पहुंची थीं।
उस दिन रिया अपने दोस्तों के साथ सुशांत के अंतिम दर्शन के लिए पहुंची थीं।

इस वजह से सुशांत से कहा था ‘सॉरी बाबू’

शवगृह में सुशांत को आखिरी बार सॉरी बाबू कहने की वजह पूछे जाने पर रिया ने बताया, ‘हां, तो ऐसे में कोई किसी और से क्या कहेगा, जो अपनी जान गंवा चुका हो? आई एम सॉरी कि आपने अपना जीवन खो दिया है, और आज आई एम सॉरी कि आपकी मौत को एक मजाक बना दिया गया है। मुझे खेद है कि आपकी आखिरी यादों के तौर पर आपके अच्छे काम, आपकी बुद्धिमत्ता और आपकी चैरिटी को याद नहीं किया जाएगा। मुझे खेद है कि सभी ने आपकी मौत का मजाक बनाया है और मुझे खेद है कि आपने अपना जीवन खो दिया। अगर इसे भी गलत अर्थों में लिया जाएगा तो अब क्या बोलेंगे।’

शवगृह से बाहर निकलकर आती हुईं रिया।
शवगृह से बाहर निकलकर आती हुईं रिया।

शवगृह में सिर्फ 3-4 सेकंड तक ही रही थी

शवगृह के अंदर रुकने को लेकर रिया ने कहा कि ‘शायद 3-4 सेकंड रूकी होंगी। मुझे बाहर इंतजार करने के लिए कहा गया था। मेरे दोस्तों ने किसी से निवेदन किया था कि एक बार बॉडी देखना चाहती हैं, तो उन्होंने बोला कि एक बार जब पोस्टमार्टम खत्म हो जाएगा और बॉडी जब वैन की तरफ जाएगी फ्यूनरल के लिए उस समय आप देख सकते हैं। तो जब वहां से वैन के लिए बॉडी निकाली गई तब मैंने बॉडी को 3-4 सेकंड के लिए देखा था और तब उन्हें सॉरी कहा था। तब मैंने सम्मान के तौर पर उनके पैर भी छुए थे। और मुझे लगता है कि भारतीय होने के नाते कोई भी समझ सकता है कि कोई किसी के पैर क्यों छुएगा।’

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