इस मामले में मौके पर पहुंचे डीआईजी एवी होमकर ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में तो पुलिस को ऐसा लग रहा है कि, आर्थिक तंगी की वजह से दो भाइयों ने ही पूरे परिवार की हत्या करने के बाद आत्महत्या की है। दोनों के पास से 15 और दो पन्ने का सुसाइड नोट भी मिला है। जिसकी जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि,” मरने वालों में दो भाई, उनके पिता, दो महिलाएं, एक लड़का और मासूम बच्ची शामिल है। बच्चों और उनके पिता का गला घोंटा गया है। वहीं मां के शरीर पर धारदार हथियार के निशान मिले हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद सारी स्थिति साफ होगी।”

मरने वाला दीपक फार्मा कंपनी में कार्यरत था। दीपक के पिता रेलवे में कार्यरत थे। वह आर्मी से रिटायर अलक नारायण मिश्रा के घर में किराये के मकान में रहते थे। सोमवार की सुबह मकान मालिक ने देखा, तो मामले की जानकारी कांके पुलिस को दी। आत्महत्या करने वाले सात लोगों में दीपक झा, उनकी पत्नी सोनी देवी, भाई रूपेश झा, माता, पिता, एक बेटा जंगू और बेटी दृष्टि शामिल हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार दीपक झा बेटे की बीमारी को लेकर काफी परेशान चल रहा था। बेटे के इलाज के लिए कई लोगों से पैसे कर्ज पर लिया था। कर्ज के कारण काफी तनाव में रहता था। पैसे खर्च करने के बाद भी बेटे की बीमारी ठीक नही हो रही थी। जिसके बाद परेशान होकर दीपक ने यह कदम उठाया है। हालांकि, पुलिस भी अपने स्तर से आसपास के लोगों से पूरे मामले में पूछताछ कर रही है।