यह सलाद बना जान का दुश्मन, 8 साल की बच्ची के दिमाग में 100 से ज्यादा कीड़ों के अंडे


डॉक्टर की मानें तो जिस समय बच्ची को अस्पताल लाया गया, वो होश में नहीं थी. सिटी स्कैन में सफ़ेद धब्बे दिमाग़ में नज़र आए. ये धब्बे कुछ और नहीं, बल्कि फ़ीताकृमि के अंडे थे. ये अंडे कच्ची सब्जी या सलाद खाने से बने हैं. ये उन सब्जियों से होता है, जो जमीन के नीचे उगती हैं और जिन्हें बिना धोए और पकाए खाया गया हो.
डॉ. गुप्ता ने बताया कि हमारे पास आने से पहले बच्ची का इलाज कहीं ओर करवाया जा रहा था. बच्ची को तेज़ सिर दर्द की शिकायत थी और दौरे पड़ते थे. वो दिमाग़ में सूजन और दौरे पड़ने का ही इलाज करवा रही थी. बच्ची के दिमाग़ की सूजन कम करने के लिए लिए बच्ची को स्टेरॉएड्स दिया जाने लगा था. इसका असर ये हुआ कि आठ साल की बच्ची का वज़न 40 किलो से बढ़कर 60 किलो हो गया.
वज़न बढ़ा तो और तक़लीफ़ भी बढ़ गई. चलने-फिरने में दिक्क़त आने लगी और सांस लेने में तक़लीफ़ शुरू हो गई. वो पूरी तरह स्टेरॉएड्स पर निर्भर हो चुकी थी. बच्ची जब डॉ गुप्ता के पास आई तो उसका सिटी-स्कैन किया गया, जिसके बाद उसे न्यूरोसिस्टिसेरसोसिस से पीड़ित पाया गया. जब बच्ची डॉ. गुप्ता के पास पहुंची तो उसके दिमाग पर प्रेशर बहुत अधिक बढ़ चुका था. अंडों का प्रेशर दिमाग़ पर इस कदर हो चुका था कि उसके दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया था.
डॉक्टर का कहना है कि आज हमारे आसपास जितने बाहर खाने के ऑप्शन्स हैं, ये सभी बीमारियों को न्योता देते हैं. अगर आप सोच रहें हैं कि फ़ाइव स्टार का खाना साफ़ होगा तो माफ़ी चाहेंगे, आप फ़ाइव स्टार के होटल के खाने पर भी विश्वास नहीं कर सकते. इसलिए अपना ध्यान तो आपको खुद ही रखना होगा.








