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Pizza Hut का युग खत्म: 2.7 अरब डॉलर में बिका दुनिया का दिग्गज पिज्जा ब्रांड; बदलती दुनिया के साथ क्यों फेल हुई ‘लाल छत’?

पिज्जा हट की लाल छत अब इतिहास: 68 साल पुराने ब्रांड का सौदा; जानें क्यों डोमिनोज के सामने हार गई ये दिग्गज कंपनी

Pizza Hut का युग खत्म: 2.7 अरब डॉलर में बिका दुनिया का दिग्गज पिज्जा ब्रांड; बदलती दुनिया के साथ क्यों फेल हुई ‘लाल छत’?

ग्लोबल डेस्क: फास्ट फूड की दुनिया में एक बड़ा अध्याय समाप्त हो गया है। दशकों तक लोगों की जुबान पर रहने वाला पिज्जा ब्रांड ‘पिज्जा हट’ अब नए हाथों में जाने वाला है। यम ब्रांड्स ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया है कि वे इस दिग्गज चेन को 2.7 अरब डॉलर में बेच रहे हैं।

डील का गणित: कैसे बंटा पिज्जा हट का कारोबार?

यम ब्रांड्स ने इस बिक्री को दो प्रमुख हिस्सों में बांटकर अंजाम दिया है:

 इतिहास से वर्तमान तक: एक सफर

पिज्जा हट की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है:

  • शुरुआत (1958): कंसास के विचिटा में दो भाइयों ने अपनी मां से सिर्फ 600 डॉलर उधार लेकर पहला स्टोर खोला था।
  • नाम का राज: उन्होंने इसे ‘पिज्जा हट’ इसलिए कहा क्योंकि उनके साइनबोर्ड पर सिर्फ आठ अक्षरों (8 Letters) की ही जगह थी।
  • शानदार दौर: 1969 में आई ‘लाल छत’ (Red Roof) ने इसे एक आइकॉनिक पहचान दी और 1971 तक यह दुनिया की सबसे बड़ी पिज्जा चेन बन गई थी।
  • यम ब्रांड्स का हिस्सा: 1977 में पेप्सिको ने इसे खरीदा और बाद में 1997 में इसके रेस्टोरेंट डिवीजन को अलग कर ‘यम ब्रांड्स’ बनाया गया।

क्यों फेल हुआ यह ‘ग्लोबल जायंट’?

मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि पिज्जा हट की विदाई की पटकथा बहुत पहले लिखी जा चुकी थी:

  • ‘डाइन-इन’ बनाम ‘डिलीवरी’ की लड़ाई: 1980 के दशक में जब ‘डोमिनोज’ ने 30 मिनट में होम डिलीवरी का गेम शुरू किया, तो पिज्जा हट अपने बड़े डाइन-इन रेस्तरां के भारी-भरकम खर्चों और पारंपरिक मॉडल में ही उलझा रह गया।
  • नई प्रतियोगिता: ‘डोरडैश’ और ‘उबर ईट्स’ जैसी फूड डिलीवरी कंपनियों ने बाजार बदला, लेकिन पिज्जा हट उस रफ्तार से खुद को नहीं ढाल सका।
  • बिक्री में गिरावट: पिछले साल अमेरिका में इसकी बिक्री में 8.2% की भारी गिरावट आई। कंपनी को मजबूरी में अमेरिका में अपने 250 आउटलेट बंद करने का कड़ा फैसला लेना पड़ा।
  • निवेश की कमी: ग्लोबलडेटा के प्रबंध निदेशक नील सॉन्डर्स के अनुसार, ब्रांड को वापस खड़ा करने के लिए भारी निवेश की जरूरत थी, जिसके लिए यम ब्रांड्स अब तैयार नहीं था।

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