Datia Result Impact: नरोत्तम के बाद अब आशुतोष भी पिछड़े- लगातार दूसरी हार से बीजेपी में मंथन तेज
Datia Result Impact: नरोत्तम के बाद अब आशुतोष भी पिछड़े- लगातार दूसरी हार से बीजेपी में मंथन तेज
Datia Result Impact: नरोत्तम के बाद अब आशुतोष भी पिछड़े- लगातार दूसरी हार से बीजेपी में मंथन तेज
दतिया (यश भारत एक्सक्लूसिव): मध्य प्रदेश के मालवा-बुंदेलखंड की राजनीति का केंद्र रही दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के नतीजे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में सामने आ रहे हैं। वर्ष 2023 के आम विधानसभा चुनाव में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की हार के बाद, बीजेपी ने उम्मीदवार बदलकर युवा चेहरे आशुतोष तिवारी पर दांव खेला था। लेकिन 14 दौर की मतगणना तक कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह की प्रचंड और अजेय बढ़त ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी इस सीट पर लगातार दूसरी बार हार का सामना करने जा रही है।
नरोत्तम का गढ़ ढहा, बीजेपी के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
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टिकट बदलने का प्रयोग रहा असफल: 2023 में नरोत्तम मिश्रा को मिली पराजय के बाद पार्टी ने गुटबाजी खत्म करने और ‘एंटी-इंकमबेंसी’ से निपटने के लिए प्रत्याशी बदला था। हालांकि, नए चेहरे को उतारने के बावजूद वोटबैंक बीजेपी के पक्ष में लामबंद नहीं हो सका।
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नरोत्तम के अपने पोलिंग बूथ पर भी हारी बीजेपी: इस उपचुनाव का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि 9वें राउंड के दौरान जब पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के अपने गृह पोलिंग बूथ (बूथ नंबर-121) की ईवीएम खुली, तो वहां भी कांग्रेस उम्मीदवार ने 27 वोटों की बढ़त हासिल की।
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नेतृत्व और संगठन पर सवाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ यह पहला प्रमुख उपचुनाव था। लगातार दूसरी हार से स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और असंतोष अब सतह पर आ सकता है।
कांग्रेस के लिए 2028 का मजबूत आधार
जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में लड़े गए इस उपचुनाव में जीत से कांग्रेस को नया राजनीतिक जीवनदान मिला है। पार्टी के भीतर जारी अंदरूनी कलह और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के पार्टी विरोधी बयानों के बावजूद, घनश्याम सिंह की जीत ने यह साबित कर दिया कि दतिया के मतदाताओं का भरोसा अब भी कांग्रेस के पक्ष में मजबूती से टिका हुआ है।








