मध्यप्रदेश

यहां बच्ची के इलाज के लिए कतार में लगा कलेक्टर पिता, कर्मचारी ने लौटाया…

भिंड। जिले की कमान संभालने वाला कलेक्टर अगर अपने काम के लिए आम आदमियों की तरह कतार में लगे तो ये ताज्जुब की बात है। लेकिन भिंड जिले से ऐसी ही एक तस्वीर सामने आई है। जब यहां के कलेक्टर धनराजू एस अपनी सात साल की बेटी का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए। वो केवल जिला अस्पताल ही नहीं पहुंचे, बल्कि उस खिड़की पर जाकर आम आदमियों की तरह कतार में लग गए। जहां ओपीडी की पर्ची बनती है।

कलेक्टर पहले इमरजेंसी खिड़की पर पहुंचे तो कर्मचारी उन्हें पहचान नहीं पाया। कर्मचारी ने कलेक्टर से कहा कि यहां सिर्फ इमरजेंसी पर्चे बनते हैं, सामान्य पर्चा दूसरी खिड़की पर बनेगा। इसके बाद कलेक्टर सामान्य खिड़की पर पहुंचे और वहां आम लोगों की तरह लाइन में लगकर बच्ची के इलाज के लिए ओपीडी का पर्चा बनवाया।

धनराजू एस 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें आशीष कुमार गुप्ता की जगह भिंड का कलेक्टर बनाया गया था। दरअसल सत्तारूढ़ दल के समर्थन की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें यहां से हटाया था और धनराजू एस को जिले की कमान सौंपी गई थी।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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