मोदी सरकार की इन स्कीम्स से लोगों ने पाया 1300% मुनाफा, आप भी उठाएं फायदा
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने 4 साल पूरे कर लिए है. इस दौरान कई फैसलों का असर शेयर बाजार और यहां लिस्टेड कंपनियों पर भी पड़ा. इन फैसलों से कंपनियों के शेयरों में 1300 फीसदी तक की तेजी आई है. आइए जानते हैं अब कहां है कमाई के मौके

केंद्र की मोदी सरकार ने 26 मई 2018 को चार साल पूरे कर लिए हैं. इस दौरान सरकार ने मेक-इन-इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी जैसे कई महत्वाकांक्षी योजनाएं लागू कीं. जीएसटी, बैंकरप्सी कानून जैसे कई बड़े सुधार भी किए. इन सब फैसलों का असर शेयर बाजार और यहां लिस्टेड कंपनियों पर भी पड़ा. मोदी सरकार के इन फैसलों से कंपनियों के शेयरों में 1300 फीसदी तक की तेजी आई है. मतलब साफ है कि अगर किसी ने इन शेयरों में पैसा लगाया होता तो वह आज मालामाल हो जाता है. आइए जानते हैं किसने दिया बड़ा मुनाफा और अब कहां है मोटी कमाई का मौका…

कोटक महिंद्रा- बैंकरप्सी कोड बड़े फायदे का साबित हुआ है. इसका एनपीए रिकवरी पर फोकस है. सरकारी बैंकों ने कम कर्ज दिए हैं. कोटक, एचडीएफसी जैसे प्राइवेट बैंकों के लिए शानदार मौका दिख रहा है. इससे एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनियों को भी फायदा होगा. बता दें कि एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनियां बैंकों से एनपीए खरीदती हैं. आधार का भी दम दिखा है. आधार के चलते लोन लेने की प्रक्रिया आसान हुई है. आधार केवाईसी का लोकप्रिय जरिया बना है. इन चार सालों में पर्सनल लोन, कंज्यूमर लोन के कारोबार में जोरदार उछाल देखने को मिला है.

सरकार के बैंकरप्सी कोड और आधार जैसे सुधारों का कोटक महिंद्रा को जबरजस्त फायदा मिला है जिसका असर ये है कि 2014 में 325 रुपये की कीमत वाले कोटक महिंद्रा का मौजूदा भाव 1300 रुपये के पास है.

स्टरलाइट टेक्नोलॉजी-स्मार्ट सिटी स्कीम के तहत सरकार का लक्ष्य 100 स्मार्ट सिटी बनाने का है जिसके लिए 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. स्मार्ट सिटी पर संसदीय कमिटी की रिपोर्ट है कि अभीतक आवंटित पैसे का महज 2 फीसदी ही खर्च हुआ है. राज्यों ने महज 21 फीसदी ही खर्च किया है. काम बहुत धीमी रफ्तार से चल रहा है. वहीं, सरकार का दावा है कि 30,000 करोड़ रुपये के 936 प्रोजेक्ट पर काम जारी 4024 करोड़ रुपये के 400 प्रोजेक्ट टेंडर स्टेज में हैं.

स्मार्ट सिटी स्कीम से स्टरलाइट टेक्नोलॉजी की चमक बढ़ी है. आॉप्टिकल फाइबर बिझाने से इसके बड़ा फायदा मिला है. कंपनी को जयपुर, गांधीनगर, काकीनाड़ा स्मार्टसिटी के लिए ऑर्डर मिला है. कंपनी नें स्मार्ट सिटी के लिए अलग डिविजन भी बनाया है. 2014 में स्टरलाइट टेक्नोलॉजी का भाव 28 रुपये था. इसका वर्तमान भाव 400 रुपये है.

टीवीएस इलेक्ट्रॉनिक्स-मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही जेएएम यानि जनधन-आधार-मोबाइल पर फोकस किया. इसके सरकारी सेवाओं की डिलिवरी में इस्तेमाल करने पर फोकस किया गया. टेक्नोलॉजी की मदद से समय, पैसे की बचत हुई. डीबीटी से सब्सिडी लीकेज पर अंकुश लगाने में मदद मिली. अकेले पेट्रोलियम सब्सिडी 86000 करोड़ रुपये कम हुई.

आईएमएफ ने भी भारत के डिजिटल इस्तेमाल की तारीफ की.डिजिटल इंडिया पर फोकस से टीवीएस इलेक्ट्रॉनिक्स को जोरदार फायदा हुआ. नोटबंदी के बाद इसको सबसे ज्यादा फायदा हुआ. टीवीएस ग्रुप की ये कंपनी, आईटी हार्डवेयर प्रोडक्ट बनाती है. ये प्रिंटर, पेमेंट मशीन, कीबोर्ड, सेंसर, सीसीटीवी, सेल फोन भी बनाती है. कंपनी मी फोन के लिए भारत में सेल्स पार्टनर है. मी भारत की सबसे बड़ी सेल फोन कंपनी है. इसकी 22 कंपनियों के साथ सेल्स पार्टनरशिप है. नवंबर 2016 के बाद से इस शेयर में तेज उछाल देखने को मिला है. टीवीएस इलेक्ट्रॉनिक्स 2014 के 27 रुपये से बढ़कर वर्तमान में 360 रुपये पर दिख रहा है.

एचएएल (हिन्दुस्तान एरोनॉटिकल्स)-सितंबर 2014 को लॉन्च हुई मेक इन इंडिया स्कीम का मकसद देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने का है. इसमें 25 खास सेक्टरों की पहचान की गई है जिसमें ऑटो, ऑटो कंपोनेंट, डिफेंस, एविएशन, इंफ्रा और बॉयोटेक शामिल हैं. डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर जोर से एचएएल (हिन्दुस्तान एरोनॉटिकल्स) को फायदा होगा. एचएएल पोर्टफोलियो को सुरक्षा देगा. एचएएल नवरत्न कंपनी है जो डिफेंस के लिए एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर बनाती है. 70 हजार करोड़ से ज्यादा की इसकी ऑर्डरबुक है. कंपनी बोइंग के साथ मिलकर F/A-18 फाइटर जेट बनाएगी. सुखाई-30 बनाने का भी प्रस्ताव है. कंपनी जैगुवार लड़ाकू विमान को भी अपग्रेड करेगी.

टीमलीज-सरकार की एक और महत्वाकांक्षी योजना है स्किल इंडिया जिसका टीमलीज को काफी फायदा मिला है. स्किल इंडिया में टीमलीज के लिए आगे भी बड़े मौके हैं. टीमलीज एचआर कंसल्टेंसी कंपनी है जो स्किल्ड वर्कर मुहैया कराती है. देशभर में इसने 1 लाख 30 हजार लोगों की भर्तियां कराई. देश का 69 फीसदी जॉब मार्केट अनऑर्गनाइज्ड है.

