मां पापा के बाद बेटी ने सुसाइड किया ट्राई , मौत
भोपाल। प्रयोगधर्मिता बहुत अच्छी बात है परंतु यदि खतरों के प्रति सतर्कता कम कर दी जाए तो यही अच्छी बात सबसे बुरी बात हो जाती है। कक्षा 12 में पढ़ने वाली 16 साल की एक लड़की ने सल्फास की टेबलेट को ट्राई करने के लिए जीभ पर रखा था, 24 घंटे तक डॉक्टरों ने हर संभव कोशिश की परंतु बिटिया को बचाया नहीं जा सका।
रातीबड़ पुलिस थाने के टीआई सुधेश तिवारी ने बताया कि अस्पताल की तरफ से सूचना मिली थी। जब पुलिस पहुंची तब छात्रा होश में थी। उसने बताया कि वह अपने घर में चाबी ढूंढ रही थी तभी अचानक उसे एक डिब्बी मिली।
इसमें कुछ टेबलेट रखी थी। जिज्ञासा बस उसने अपनी चाची से इसके बारे में पूछा परंतु चाची सवाल सुन नहीं पाई, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। छात्रा ने टेबलेट को ट्राई करके देखने के लिए अपनी जीभ पर रख लिया। उसने बताया कि अचानक कुछ ऐसा हुआ कि टेबलेट अंदर चली गई।
उसने तत्काल परिवार के लोगों को बताया। घरवाले अस्पताल लेकर दौड़े। डॉक्टर लगातार कोशिश कर रहे थे। पुलिस को बयान देने के बाद छात्रा की तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। उसे बचाया नहीं जा सका। मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि करीब 1 साल पहले उसके पिता ने सुसाइड किया था। 5 महीने पहले उसकी मां का हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया था। परिवार में 12 साल का एक बच्चा (नंदिता का छोटा भाई कृष) बचा है।

