महंगा पड़ा बाबरिया से विवाद, यादव समर्थक कांग्रेस से निष्कासित, प्रवक्ताओं की होगी जांच

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ अनुशासन के मसले पर कुछ ज्यादा ही सख्त नजर आ रहे हैं। खरगोन जिले के जिन चार अरुण यादव समर्थकों ने रविवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव दीपक बाबरिया से अभद्रता की थी, उन्हें 24 घंटे के भीतर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
वहीं, पीसीसी ने प्रवक्ता-पेनलिस्ट की सूची में शामिल नेताओं के सत्यापन के लिए समिति भी बना दी है जो दस दिन में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
खरगोन जिले के निष्कासित महेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष अर्जुन सिंह, नगर पालिका महेश्वर के अध्यक्ष हेमंत जैन, गिरिराज सर्राफ और शुभम व्यास अपने समर्थकों के साथ रविवार को भोपाल आए थे। उनकी शिकायत थी कि मंडलम् और सेक्टर में जो पदाधिकारी एआईसीसी के प्रतिनिधि की मौजूदगी में बनाए गए थे, उन्हें बदल दिया गया है।
इस शिकायत को वे प्रदेश प्रभारी महासचिव दीपक बाबरिया को बता रहे थे, तभी तीखी बहस के बीच बाबरिया की टिप्पणी से कार्यकर्ता भड़क गए। प्रदेश प्रभारी के साथ बहस को आधार बनाकर प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने चारों को निष्कासित कर दिया। ये नेता पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव के समर्थक बताए जाते हैं।
समिति करेगी जांच
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता और पेनलिस्ट में भाजपा समर्थित और कांग्रेस विरोधी गतिविधियों में लिप्त नेताओं के शामिल होने के आरोपों की जांच के लिए कांग्रेस ने चार सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें पीसीसी के मीडिया विभाग के चेयरमैन मानक अग्रवाल, मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा, मृणाल पंत और अर्चना जायसवाल को शामिल किया गया है। समिति दस दिन में हरेक प्रवक्ताओं और पेनलिस्टों की निष्ठाओं की जांच कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपेगी।








