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मदिरा दुकानों में MRP से अधिक मूल्य में शराब बिक्री मामले में सहायक आबकारी आयुक्त एसएन दुबे निलंबित

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राज्य सरकार ने जबलपुर के सहायक आबकारी आयुक्त एस. एन. दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सत्य नारायण दुबे को अपर्याप्त एवं लापरवाही पूर्ण पर्यवेक्षण तथा नियंत्रण तथा मदिरा दुकानों द्वारा एम आर पी से अधिक मूल्य पर किये जा रहे मदिरा विक्रय के कार्य में संलिप्तता के आधार पर निलंबित किया गया है। जबलपुर जिले में स्थित देशी तथा विदेशी मदिरा की फुटकर विक्रय दुकानों से विक्रय की जा रही मदिरा का निर्धारित अधिकतम विक्रय मूल्य से अधिक मूल्य पर विक्रय किये जाने का परीक्षण शासन द्वारा वाणिज्यिक कर आयुक्त मध्य प्रदेश इंदौर के माध्यम से करवाया गया। वाणिज्यिक कर आयुक्त के निर्देश पर जबलपुर में अधीनस्थ अधिकारियों का दल गठित कर क्रय हेतु भेजा गया जिसमें तमाम तथ्य एस एन दुबे के खिलाफ मिले। अधिकतम मूल्य पर इन दुकानों में मदिरा विक्रय होना पाया गया। तमाम सबूतों के बाद एस एन दुबे के निलंबन की कार्यवाही की गई।

गौरतलब है कि एस एन दुबे पर जबलपुर ई ओ डब्ल्यू ने भी मामला दर्ज किया है, सीएसडी केंटीन जबलपुर द्वारा मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के सभी जिलों की आर्मी केंटीन को सामान की सप्लाई की जाती है इसमें शराब की सप्लाई भी शामिल है। इसके लिए सीएसडी केंटीन ने लाइसेंस प्राप्त किया है। उक्त लाइसेंस को रिन्यू करने के लिए महाप्रबंधक ने 13 मार्च 2018 को आवेदन दिया गया। उक्त आवेदन को आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त सत्यनारायण दुबे व क्लर्क विवेक अग्रवाल ने कथित तौर पर दबा लिया। आवेदन कलेक्टर के पास न पहुंचने के कारण रिन्यूवल नहीं हो सका, जिसके चलते सीएसडी प्रबंधन को निजी ठेकेदारों से शराब खरीदकर दोनों प्रदेश के जिलों को सप्लाई करना पड़ी, जिससे मध्यप्रदेश शासन को तीन करोड़ रुपए से ज्यादा के राजस्व का नुकसान हुआ है. इस मामले की शिकायत मिलने पर ईओडब्ल्यू को दी गई, जिसकी जांच के बाद ईओडब्ल्यू द्वारा जबलपुर आबकारी विभाग के सहायक आबकारी आयुक्त सत्यनारायण दुबे व क्लर्क विवेक अग्रवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं व षणयंत्र रचने की धारा 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

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