मथुरा में मोदी: पीएम ने देखी मीराबाई पर बनी डॉक्यूमेंट्री, जारी किया डाक टिकट और 525 रुपये का सिक्का
मथुरा में मोदी: पीएम ने देखी मीराबाई पर बनी डॉक्यूमेंट्री, जारी किया डाक टिकट और 525 रुपये का सिक्का। आयोजित मीराबाई की 525वीं जयंती के कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने मीराबाई पर डाक टिकट, 525 रुपये का सिक्का जारी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीराबाई की 525वीं जयंती पर ब्रजभूमि से आजाद भारत की पहली नेहरू सरकार पर तीखा वार किया। ब्रज के विकास को केंद्र में रख बोले, देश की आजादी के बाद जो पवित्र महत्व ब्रज को मिलना चाहिए था दुर्भाग्य से वह नहीं मिला, जो लोग भारत को उसके अतीत से काटने चाहते थे भारत की संस्कृति, उसकी आध्यात्मिक पहचान से अनजान थे। वो आजादी के बाद भी गुलामी की मानसिकता नहीं त्याग पाए। उन्होंने ब्रज भूमि को विकास से वंचित रखा। आजादी के अमृतकाल में पहली बार देश गुलामी की मानसिकता से बाहर आया है। भाजपा सरकार लाल किले से पंच प्राणों का संकल्प लेकर अपनी विरासत पर गर्व की भावना के साथ आगे बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ब्रज का गुजरात से एक अलग रिश्ता रहा है। मथुरा के कान्हा गुजरात जाकर ही द्वारकाधीश बने थे. मीरा की भक्ति बिना वृंदावन के पूरी नहीं होती है। उनका अंतिम समय भी गुजरात में ही बीता था। भगवान श्री कृष्ण की अनन्य भक्त संत मीराबाई का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा शक्ति है। मथुरा की पावन धरा पर संत मीराबाई की 525वीं जन्म-जयंती के उत्सव में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।
पीएम मोदी ने कहा कि यहां पर ब्रज और ब्रजवासियों का दर्शन मिला है। कहा कि यहां वही आता है जिसे श्रीकृष्ण बुलाते हैं। यह कोई साधारण धरती नहीं है। ब्रज लालजी और लाडली जी के प्रेम का साक्षात अवतार हैं। ब्रज की रज रज में राधा रानी रमी हुई हैं। कण कण में श्रीकृष्ण समाए हुए हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण कहकर अपने संबोधन की शुरुआत की। इसके बाद लोगों से विलंब से आने के लिए क्षमा मांगी। कहा कि राजस्थान के चुनावी मैदान में था। वहां से भक्ति के माहौल में आया हूं।मोदी ने देश को नए भारत के दर्शन कराए-योगीसीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले साढ़े नौ सालों में देश ने एक नए भारत का दर्शन किया है। इस नए भारत का वैश्विक मंच पर सम्मान बढ़ा है। आज दुनिया पलक पावड़े बिछाकर स्वागत करती है। इस नए भारत के रूप में एक विकसित भारत का नक्शा दुनिया के सामने पेश करता है। एक भारत है और श्रेष्ठ भारत है। यह नया भारत अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति भी करता है और आने वाली पीढ़ी के लिए नई प्रेरणा भी देता है।

