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शराब चीज ही ऐसी है…. UP में मॉल्स में बेचने की अनुमति, MP में लाइसेंस फीस में राहत

भोपाल /लखनऊ। गजल का याद आना स्वाभाविक है शराब चीज ही ऐसी है… या हरिवंश राय बच्चन की मधुशाला की वो पंक्ति… मंदिर मस्जिद रार कराते मेल कराती मधुशाला।

जी हां यह बिल्कुल सही है शराब की खातिर दो प्रदेशों में सरकार घुटने पर आने को मजबूर है। यूपी में जहाँ शराब को शॉपिंग मॉल में बेचने की अनुमति केबिनेट ने दे दी तो एमपी में सरकार वार्षिक लाइसेंस फीस को लाकडाउन की अवधि से घटाने के लिए राजी हो गई।

पहले जानते है यूपी का मामला

उत्‍तर प्रदेश में अब शॉपिंग मॉल्‍स में शराब खरीदी बेची जा सकेगी। साथ ही बीयर और विदेशी शराब की भी बिक्री हो सकेगी। यूपी सरकार ने आज इसकी मंजूरी दे दी है। यूपी कैबिनेट ने विदेशी शराब की फुटकर बिक्री के लिए लाइसेंस व्यवस्थापन नियमावली 2020 पर मुहर लगा दी है। आबकारी विभाग शॉपिंग मॉल्स में सील्ड बोतल में शराब बिक्री के लिए लाइसेंस जारी करेगा। मॉल्स में खुलने वाली दुकानें मौजूदा दुकानों के अतिरिक्त होंगी। हालांकि, अभी लॉकडाउन के चलते 31 मई तक प्रदेशभर के शॉपिंग मॉल्स बंद हैं।

प्रमुख सचिव आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि अभी विदेशी शराब की बिक्री फुटकर दुकानों व मॉडल शॉप्स में हो रही है, क्योंकि मॉल्स में विदेशी शराब की फुटकर बिक्री का नियमावली में प्रावधान नहीं था। अब मंत्रिमंडल की ओर से नियमावली बदलने पर मुहर लग गई है, जिससे सील्ड बोतलों में मॉल्स में भी विदेशी शराब की बिक्री के लिए लाइसेंस स्वीकृत किए जाएंगे। यह दुकानें वर्तमान में संचालित दुकानों के अतिरिक्त होंगी। असल में, मॉल्स में खरीदारी के बढ़ते चलन को देखते हुए शराब के प्रीमियम ब्रांडों की बिक्री की अनुमति देने के लिए नियमावली बनाई गई है।

इधर एमपी की अजब गजब कहानी

MP में शराब ठेकेदारों तथा सरकार के बीच जारी टकराव के बाद आज राज्य सरकार ने फिर से पहल की है। जिसके अनुसार अब लाकडाउन की अवधि को वार्षिक लाइसेंस फीस से घटा दिया जाएगा।

राज्य शासन ने जारी आदेश में कहा कि कोविड 19 माहमारी के कारण आई कठिनाईयों को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन ने नए उक्त आदेश जारी किए है ।लॉकडाउन के कारण शराब की दुकाने राज्य शासन  के आदेश के परिपालन में बन्द रखी गई थी।

उतने दिन के लिए वार्षिक मूल्य में अनुपातिक छूटदिए जाने के पूर्व में ही प्रसारित किए जा चुके है। इस संबंध में स्पट किया गया है कि वार्षिक मूल्य में भी अनुपातिक छूट उपरोक्तानुसार शराब दुकानोंकी बंद अवधि हेतु देय वार्षिक मूल्य (वार्षिक लायसेंस फीस न्यूनतम प्रत्याभूत राशि) में रहेगी।

3 मई 2020 में कुछ लायसेंस धारियों द्वारा शराब दुकानों का संचालन किया गया। एवं कुछ शराब दुकान संचालको द्वारा शराब दुकानों का संचालन नहीं किया गया। इसलिए जिस क्षेत्र में शराब दुकानों का संचालन नही किया जा सका वहां परीक्षण उपरांत संपूर्ण जिले में आँशिक क्षेत्र में शुष्क दिवस बावत प्रदत्त अधिकारी में से एक दिवस का उपयोग कर आदेश जारी करें।

 

 

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