बुजुर्गों समेत इन लोगों को आधार से बैंक खाता लिंक करने की छूट

aadhar card 23 10 2017

नई दिल्ली। हर भारतीय को 12 अंकों की यूनीक पहचान देने वाले भारत की विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने लोगों को कुछ सहूलियत दी है। अब वे लोग भी ऑनलाइन जाकर अपने पते को बदल सकेंगे, जिनके पास कोई प्रूफ नहीं है। यह जानकारी यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने बुधवार को दी।

उन्होंने कहा कि जिनके पास पते का सबूत नहीं है, वे यूआईडीएआई ऑनलाइन के साथ अपना पत्र अपडेट कर सकते हैं, जो उन्हें भारतीय डाक के माध्यम से भेजा जाएगा। पांडे ने कहा कि यदि आपके पास पता का प्रमाण नहीं है, तो आप आधार वेबसाइट पर जा सकते हैं। वहां पहचान को प्रमाणित करने के बाद “सही निवास” का पता और उसका विवरण भरें।

उन्होंने कहा कि यूआईडीएआई भारतीय डाक के जरिये आपको एक पत्र के साथ पिन नंबर भेजा जाएगा। इस पिन को डालने के बाद व्यक्ति अपने पते को अपडेट कर सकेगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने में करीब छह सप्ताह का समय लगेगा।

इसके अलावा सीईओ अजय भूषण पांडे ने यह भी कहा कि बैंक खाता खोलने के लिए अब बुजुर्ग , बीमार और घायल लोग आधार के अलावा अन्य पहचान पत्र का उपयोग भी कर सकते हैं। सरकार ने बुधवार को इस संबंध में अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। गजट अधिसूचना में कहा गया है कि धनशोधन रोकथाम नियमों में संशोधन कर पहचान स्थापित करने के वैकल्पिक तरीकों को मंजूरी दे दी गई है।

यह वैकल्पिक तरीकों की छूट उन लोगों को प्राप्त होगी, जो अपनी बायोमीट्रिक पहचान स्थापित करने में परेशानियों का सामना कर रहे हैं। यह संशोधन घायल, बीमार होने या उम्र की वजह से बायोमीट्रिक पहचान स्थापित करने में असमर्थ लोगों को अन्य तरीके से पहचान जाहिर करने की अनुमति देता है।

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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आधार लिंक करने और इसे वैधता देने वाले कानून के खिलाफ याचिकाओं पर 38 दिन की मैराथन सुनवाई के बाद 10 मई को अपना निर्णय सुरक्षित किया था। इससे पहले मार्च में शीर्ष न्यायालय ने 31 मार्च तक अपने बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को आधार से लिंक करने के नियम में भी छूट दे दी थी।