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बजट में LPG, Home, Education सहित बिजली, पानी जैसी जरूरतों को लेकर नई सौगातों की उम्‍मीद

nirmla seetaraman

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Budget 2021: गरीबी उन्मूलन की दिशा में आवास, पानी, स्वच्छता, बिजली और रसोई गैस ने अहम भूमिका निभाई है, जो पूरे परिवार की बुनियादी जरूरतें हैं। इन आवश्यकताओं को पूरा करने में सरकार की योजनाएं काफी सफल रही हैं। इसी का नतीजा है कि गरीबों के स्वास्थ्य व शिक्षा में व्यापक सुधार हुआ है। इनसे जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आगामी आम बजट में इन पर विशेष बल दिए जाने का अनुमान है।

शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक गरीब परिवार को 2022 तक पक्का मकान देने का लक्ष्य है। इसमें काफी हद तक सफलता मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को पक्का मकान बनाने के लिए वित्तीय मदद दी जा रही है। हर घर “नल से जल” पहुंचाने की योजना भी तेजी से परवान चढ़ रही है। 18.93 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से मात्र 17 फीसद यानी 3.23 घरों में ही “नल से जल” की आपूर्ति होती थी। अपनी लोकप्रियता की वजह से जल जीवन मिशन योजना अपने लक्ष्य को आगामी वित्त वर्ष 2021-22 में ही प्राप्त कर लेगी। अगले वित्त वर्ष में देश के हर घर में नल से पानी की आपूर्ति होने लगेगी।

 

केंद्र की राजग सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत भी बेहद सफल रही है। पहले जहां ग्रामीण स्वच्छता की कवरेज 39 फीसद थी, इस मिशन के तहत वह बढ़कर 100 फीसद हो चुकी है। इस योजना की सफलता को बनाए रखने के लिए सरकार ने समग्र स्वच्छता हासिल करने का फैसला किया है। इसके तहत कचरा प्रबंधन, शौच के लिए लोगों को पूरी तरह शौचालयों का उपयोग के लिए प्रेरित करने पर जोर होगा। इसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) फंड का उपयोग बढ़ाया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए भी मनरेगा जैसी योजनाओं को मजबूत करने पर जोर रहेगा।

ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक गरीब परिवार को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन देने की उज्ज्वला योजना 2016 में शुरू की गई थी, जिसके तहत अब तक आठ करोड़ से अधिक परिवारों को कनेक्शन मिल चुका है। इन परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर भी मुहैया कराया गया है। सहज बिजली-हर घर सौभाग्य योजना के तहत प्रत्येक परिवार को बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। 2012 के मुकाबले 2108 में बुनियादी जरूरतों के मामले में स्थिति काफी हद तक बेहतर हुई है। हालांकि अभी भी कुछ राज्य हैं, जहां बहुत कुछ करने की जरूरत है। इनमें ओडिशा, झारखंड, बंगाल और त्रिपुरा प्रमुख हैं। इस बार बजट में गरीबी उन्मूलन की दिशा में शुरू की गई इन योजनाओं पर और बल दिया जा सकता है।

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