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पत्नी तहसीलदार, पति पटवारी फिर भी रिश्वत की चाहत कहीं का न छोड़ी, हो गए लाल लाल बा.. जैसे हिट

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कटनी के बिलहरी में लोकायुक्त पुलिस द्वारा पकड़े गए पटवारी गजेंद्र सिंह की पत्नी साधना कुजूर तहसीलदार हैं। साधना कुजूर छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ तहसील की प्रभारी तहसीलदार हैं। दोनों को सातवां वेतनमान मिलता है।
मतलब अच्छी खासी सैलरी के बाद भी भृष्टाचार का पैसा लेने के लिए पटवारी इतने गम्भीर थे कि न सिर्फ रिश्वत ली वरन लोकायुक्त पकड़ न सके तो 500 के 9 नोट ऐसे खा गए जैसे चपाती हो। वह शायद यह भूल गए कि जिस नोट को खा रहे हैं उसमें वह लाल रंग का केमिकल लगा है जो पेट के अंदर से भी अपने लाल कल्ट से गोरी तोरी चुनर है लाल लाल बा ….गीत जैसे हिट हो जाएंगे।
नोट खाने वाले पटवारी के मुंह से नोटों की लुगदी बाहर निकलवा ली गई है। पकड़े गए पटवारी की पत्नी छिंदवाड़ा में तहसीलदार हैं। लोकायुक्त का कहना है कि केमिकल टेस्ट हो गया है। पटवारी का मुंह लाल हो गया था। इसलिए केमिकल टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। उल्लेखनीय है कि ज्यादातर मामलों में नोट हाथ में होते हैं तो रिश्वत लेने वाले के हाथ लाल हो जाते हैं। इसी को रंगे हाथों पकड़ना कहते हैं।

मुंह में फिनाप्थलीन मिला, यही सबूत है

लोकायुक्त पुलिस को देखते ही, कटनी के पटवारी गजेंद्र सिंह ने रिश्वत में 500 रुपए के 9 नोट पान की तरह चबा लिए थे। लोकायुक्त पुलिस ने मुंह से नोट निकालने की कोशिश की तो पटवारी ने कॉन्स्टेबल की उंगलियां चबा लीं। लोकायुक्त के एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि हमारे पास आरोपी पटवारी के रिश्वत से जुड़े ऑडियो और वीडियो फुटेज हैं, जो कोर्ट में ये प्रमाणित करने के लिए काफी हैं कि पटवारी ने रिश्वत ली थी।
उसके मुंह से निकली नोटों की लुगदी की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। इसमें हमें सिर्फ ये प्रमाणित करना है कि उसके मुंह में फिनाप्थलीन मिला है। ये वो रसायन है जो रिश्वत के मामले में ट्रैप करने के लिए नोटों पर लगाया जाता है। जैसे ही व्यक्ति उस नोट को हाथ में लेता है, वो रसायन उसके हाथों में लग जाता है। फिर इसमें पानी डालने पर लाल रंग उतरने लगता है।
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