जबलपुर। कहते है माता कुमाता नहीं हो सकती लेकिन कलयुग में वो सब देखने को मिल रहा जो अब तक सिर्फ किस्से कहानी में ही सुना जाता था कुछ ऐसा ही मामला आज सामने आया।
दरअसल इलाहाबाद-इटारसी पैसेंजर गाड़ी में इलाहाबाद से दमोह की यात्रा के समय किसी महिला ने अपने 4-5 माह के बच्चे को एसएलआर में छोड़ दिया।
इस एसएलआर में जबेरा निवासी राजेश ठाकुर अपनी मां गुल्ली बाई के साथ दमोह जाने बैठे थे। उन्हें भी नींद आ गई। लेकिन जब नीद खुली तो उन्होंने बच्चे के रोने की आवाज सुनी नींद से जागने पर उन्होंने जब बच्चे को देखा तो दंग रह गए। इसके बाद जबलपुर पहुचने पर उन्होंने बच्चे को जीआरपी के सुपुर्द किया है। जीआरपी ने उसे एल्गिन हॉस्पिटल पहुचा दिया।















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