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दो बार परिचय देने पर नर्स ने अपनी कुर्सी नहीं छोड़ी, मंत्री नाराज सेवाएं समाप्‍त जानिए किस्‍सा कुर्सी का

दो बार परिचय देने पर नर्स ने अपनी कुर्सी नहीं छोड़ी, मंत्री नाराज सेवाएं समाप्‍त जानिए किस्‍सा।  कुर्सी का  इस पर वह नाराज हो गए। अस्पताल गेट पर आकर उन्होंने तत्काल सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव व महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. संगीता सिंह को तलब कर लिया।

बांदा जिले में जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद के अस्पताल पहुंचने पर कुर्सी से नहीं उठना एक संविदा पर कार्यरत नर्स को भारी पड़ गया। राज्यमंत्री की नाराजगी के चलते उसकी महिला अस्पताल से फौरन संबद्धता खत्म कर दी गई। अब उसकी सेवा समाप्ति को लेकर भी कार्रवाई की जा रही है।

 

एक प्रसूता को बेहतर इलाज दिलाने की मंशा से जिला महिला अस्पताल पहुंचे मंत्री का कहना है कि नर्स को दो बार परिचय दिया, लेकिन बावजूद इसके वह कुर्सी से खड़ी नहीं हुई। मंत्री की नाराजगी से अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में भी खलबली मच गई।

 

सूचना पर सीएमओ और सीएमएस भी पहुंच गए और कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। जिला महिला अस्पताल में गुरुवार को देर रात जल शक्ति राज्य मंत्री रात में अचानक जींस और टीशर्ट में पहुंच गए। बताया गया कि वह अपने किसी परिचित मरीज की खैर खबर लेने गए थे।

संविदा नर्स चंद्रप्रभा से अपना परिचय दिया

यहां से वह निकल रहे थे तभी शहर कोतवाली क्षेत्र के गंछा गांव निवासी संतराम निषाद ने मंत्री से कहा कि उसकी पत्नी अभिलाषा (30) को डिलीवरी होनी है। वह जिला महिला अस्पताल में भर्ती हैं। इस पर मंत्री नर्स रूम में पहुंच गए। वहां ड्यूटी पर तैनात संविदा नर्स चंद्रप्रभा से उन्होंने अपना परिचय दिया।

सीएमओ व महिला अस्पताल की सीएमएस को किया तलब

दो बार परिचय देने पर नर्स ने अपनी कुर्सी नहीं छोड़ी। इस पर वह नाराज हो गए। अस्पताल गेट पर आकर उन्होंने तत्काल सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव व महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. संगीता सिंह को तलब कर लिया। दोनों अधिकारियों के आने पर उन्होंने नर्स के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।

तीन घंटे तक चलता रहा घटनाक्रम

इस पर काफी मानमनौव्वल चलता रहा। इस बीच नर्स चंद्रप्रभा ने अपनी गलती भी मानी, लेकिन राज्यमंत्री नहीं पसीजे। आखिर में सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने नर्स चंद्रप्रभा की संबद्धता को समाप्त करने की कार्रवाई की। मंत्री के जोर देने पर उसकी सेवा समाप्ति की संस्तुति की है। पूरा घटनाक्रम तकरीबन तीन घंटे तक चलता रहा।

संविदा नर्स चंद्रप्रभा की जिला महिला अस्पताल से संबद्धता समाप्त कर दी गई है। उसे मूल तैनाती महुआ पीएचसी में वापस भेजा गया है। सेवा समाप्ति की कार्रवाई के लिए सीएमओ द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

-डॉ. संगीता सिंह, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल, बांदा

मंत्री से बाहर से दवा लिखने की शिकायत की

जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद को जिला अस्पताल में पाकर आयुष्मान कार्डधारक सर्वोदय नगर निवासी बैजनाथ ने बताया कि उसका आयुष्मान कार्ड बना है। डॉक्टर ने उन्हें 650 रुपये की दवा बाहर से लिख दी है। इस पर मंत्री ने सीएमओ से नाराजगी जताई। मर्दननाका मोहल्ले की आरती ने अस्पताल के महिला शौचालयों की बदतर स्थिति की शिकायत मंत्री रामकेश निषाद से की। इस पर उन्होंने सीएमएस को सफाई कराने के निर्देश दिए।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम