देशभर में बच्चों को गोद लेने की वेटिंग 1500 से ज्यादा, बाहर के दंपति को चाहिए बेटी
नेशनल डेस्क्। सूनी गोद बच्चों के इंतजार में हैं, देशभर में बच्चों को गोद लेने की वेटिंग 1500 से ज्यादा है। सूनी गोद बच्चों के इंतजार में हैं, देशभर में बच्चों को गोद लेने की वेटिंग 1500 से ज्यादा है। शहर से पिछले सात दिनों में तीसरी बेटी को माता-पिता की गोद जल्द मिलेगी।
मातृ छाया में रह रही 6 माह की बच्ची की मंगलवार तक प्री-एडॉप्शन प्रक्रिया हो जाएगी। बाहर के एक दंपति ने इस बच्ची को चुना है। इधर ग्वालियर से बच्चों को उसमें खासकर बेटियों को गोद लेने को लेकर लोग आगे आए हैं और पिछले 7 दिन में यह तीसरा एडॉप्शन है, लेकिन रविवार सुबह बेटी की दुर्दशा का यह उदाहरण शर्मसार कर देने वाला है।
यह हालात तब हैं जब शहर में मातृ छाया सहित तीन स्थानों पर ऐसे बच्चों के लिए पालने लगाए गए हैं,आज तक एक भी बच्चे को पालने में नहीं रखा गया, बल्कि फेंकने को तैयार हो जाते हैं। शहर में ऐसे बच्चे जिन्हें पालने में उनके माता पिता समर्थ नहीं या फिर अनचाही संतान या बेटी कारण मानकर बच्चों को फेंकने वालों के लिए पालने लगाए जाने की व्यवस्था की गई है। तीन जगह पालने लगाए गए हैं। जिन्हें घंटी बजाकर कोई भी बच्चा रखकर जा सकता है। बच्चा रखकर जाने वाले को अपनी पहचान या नाम तक बताना जरूरी नहीं है। शिशु गृह की ओर से किसी तरह की इंक्वायरी नहीं की जाएगी।
6 माह की बच्ची को मिलेगा माता-पिता का प्यार –
मातृ छाया में रह रही 6 माह की बच्ची को जल्द माता-पिता का प्यार मिलेगा। बाहर के एक दंपति ने कारा(सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉर्टी) में रजिस्ट्रेशन कराया था। जिसके बाद उन्हें ग्वालियर स्थित सेवा भारती के मातृ छाया में रह रही बच्ची के बारे में पता चला। दंपति को बेटी चाहिए, अब आगामी दो दिनों में बच्ची के प्री-एडॉप्शन की प्रक्रिया होगी। यह बच्ची लावारिस हाल में मिली थी।
यहां-यहां लगे पालन –
मातृछाया शिशु कल्याण केंद्र,महलगांव।
आश्रम शांति निकेतन,हजीरा।
बालाजी शिशु कल्याण केंद्र,थाटीपुर।
मातृछाया: अब तक 17 बच्चों को मिली गोद –
सेवा भारती संस्था के मातृ छाया शिशु कल्याण केंद्र से अब तक 17 बच्चे गोद दिए जा चुके हैं। 7 बच्चों का दूसरी जगह ट्रांसफर हुआ है और 30 बच्चों की घर वापसी हुई है। गृह में 6 साल तक के बच्चों को ही रखने की पात्रता है।
बच्ची को मिलेगी गोद –
मातृ छाया में रह रही बच्ची को दंपति गोद लेंगे। इसको लेकर वैधानिक प्रक्रिया की जा रही है। पूरी प्रक्रिया होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। मातृछाया भवन के नीचे पालना लगाया गया है। जिसमें पालने की इच्छा न रखने वाला कोई भी बच्चा रखकर जा सकता है। विजय गुप्ता सचिव,मातृछाया