दिगंबर अनी अखाड़ा द्वारा निकाले जाने पर ये बोले कम्प्यूटर बाबा

उज्जैन। अखिल भारतीय श्री पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा ने बैठक में कम्प्यूटर बाबा को निष्कासित कर दिया है। अब उन्हें प्रयागराज में होने वाले कुंभ में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। उन पर निजी स्वार्थ के लिए काम करने का आरोप था। इसके साथ ही संतों की छवि खराब करने का आरोप भी उन पर लगा है।
अखाड़े द्वारा निष्कासित किए जाने पर कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि धर्म के लिए गला भी कटवाना पड़े तो मैं तैयार हूं। अखाड़ा परिषद ने भ्रष्ट सरकार का साथ दिया है। बाबा ने कहा कि शिवराज सिंह का का परिवार नर्मदा में अवैध रेत उत्खनन कर रहा है। यह सरकार धर्म विरोधी सरकार है आज यह साबित हो गया है। इसको उखाड़ फेंकने के लिए हमनें पंडोखकर सरकार का साथ देंगे।
उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद की स्थापना धर्म की रक्षा के लिए की गई थी न कि शिवराज सरकार को बचाने के लिए। मैं पीछे नहीं हटूंगा, धर्म की रक्षा करूंगा, गाय माता की रक्षा करूंगा, वे मेरा मुंह बंद कराने का प्रयास कर रहे हैं। कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि संत समाज पर पैसे बांटने का आरोप लग रहा है जो असत्य है। संत सात घर भिक्षा मांगकर अपना जीवन यापन करता है। उन्होंने कहा यह तो शुरुआत है, शिवराज सरकार तिलमिला गई है, मैं अपने धर्म से अडिग नहीं होऊंगा।
इसके पहले कम्प्यूटर बाबा को मप्र सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। कुछ समय बाद उन्होंने यह पद छोड़ दिया और सरकार के खिलाफ उतर गए। हाल ही में उन्होंने ग्वालियर में संतों के ‘मन की बात’ नाम से एक कार्यक्रम आयोजन किया था। इसमें संतों के सामने उन्होंने सरकार के विरोध में उतरने का ऐलान किया था। कम्प्यूटर बाबा का असली नामदेव दास त्यागी है। वे अलग-अलग मामलों में तीन कलेक्टरों के खिलाफ मोर्चा भी खोल चुके हैं।








