तिब्बत की पहचान खत्म करने की कोशिश, तिब्बत में दलाई लामा का महत्व कम करने में विफल रहा चीन

नई दिल्ली। तिब्बत में चीन दलाई लामा की संस्था, उनकी मान्यताओं और उनके पहचान वाले चिह्नों को खत्म करने की लगातार कोशिश कर रहा है, लेकिन उसमें वह सफल नहीं हो रहा। यह बात दिल्ली के एक थिंक टैंक द्वारा आयोजित वेबिनार में कही गई। इस वेबिनार का विषय था- चीन के दलाई लामा से जुड़ी संस्था को बर्बाद करने की कोशिश, उसमें चीन की विफलता और भविष्य के लिए उसका महत्व।
चीन के हित की बात कहने वाला हो तिब्बत में अगला दलाई लामा
तिब्बत की यह स्थिति तब है जब वहां के धर्मगुरु 14 वें दलाई लामा ने करीब एक दशक पहले अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी छोड़ दी है और केंद्रीय तिब्बती प्रशासन अब धर्मशाला के अलावा अन्यत्र से चल रहा है। 14 वें दलाई लामा की बढ़ती उम्र को देखते हुए चीन अब तिब्बत पर अपना कब्जा मजबूत करने की कोशिश में है। इसके लिए तिब्बत के बौद्ध समुदाय पर अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। ऐसा वह अगले दलाई लामा की चयन प्रक्रिया में दखल देने की मंशा से भी कर रहा है। चीन चाहता है कि अगला दलाई लामा उसकी पसंद का बने और वह तिब्बत में चीन के हित की बात कहे।
चीन अपनी विस्तारवादी नीति के तहत तिब्बत को अपना हिस्सा बनाने पर तुला
तिब्बत के मानवाधिकारों पर चर्चा के लिए जेनेवा में नियुक्त विशेष प्रतिनिधि थिनले चुकी के अनुसार चीन अपनी विस्तारवादी नीति के तहत तिब्बत को अपना हिस्सा बनाने पर तुला हुआ है। इसी के चलते 1950 के बाद से ही चीन तिब्बत की पहचान खत्म करने में जुटा है।
चीन अपनी विस्तारवादी नीति के तहत तिब्बत को अपना हिस्सा बनाने पर तुला
तिब्बत के मानवाधिकारों पर चर्चा के लिए जेनेवा में नियुक्त विशेष प्रतिनिधि थिनले चुकी के अनुसार चीन अपनी विस्तारवादी नीति के तहत तिब्बत को अपना हिस्सा बनाने पर तुला हुआ है। इसी के चलते 1950 के बाद से ही चीन तिब्बत की पहचान खत्म करने में जुटा है।
चीन तिब्बत में दलाई लामा नाम की संस्था को खत्म और नष्ट-भ्रष्ट कर देना चाहता है
वह तिब्बत में दलाई लामा नाम की संस्था को खत्म और नष्ट-भ्रष्ट कर देना चाहता है। जिससे बौद्ध समुदाय को पहचान विहीन बनाया जा सके। तब उसे चीन की कम्युनिस्ट नीतियों में ढालने में आसानी होगी।
चीन की साजिश: तिब्बत की पहचान खत्म करने की कोशिश
चीन की साजिश है कि तिब्बत की खास बौद्ध पहचान खत्म कर दी जाए और उसे चीन की पहचान से ढंक दिया जाए। लेकिन 70 साल के लगातार प्रयास के बावजूद वह इसमें सफल नहीं हुआ है।
उप राष्ट्रपति ग्यात्सो ने कहा- तिब्बत में दलाई लामा की मान्यता जिंदा रहने से उम्मीद की किरण बाकी
दुनिया में तिब्बत के लिए अभियान चलाने वाले और वहां के अंतरिम उप राष्ट्रपति तेंचो ग्यात्सो का मानना है कि तिब्बत में दलाई लामा की मान्यता जिंदा रहने से वहां पर उम्मीद की किरण बाकी है। एक दिन हम सफल होंगे।








