मध्यप्रदेश

टैक्स छूट की अधिसूचना जारी क्यों नहीं हुई : बस ऑपरेटर्स की याचिका पर HC ने सरकार से मांगा जवाब

जबलपुर। लॉकडाउन (LOCKDOWN) खुलने के बाद भी मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) में अभी तक बसें (bus) बंद हैं. इस मसले पर जबलपुर हाईकोर्ट (jabalpur high court) ने बस ऑपरेटर्स के प्रति नरमी बरती है. सोमवार को जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की सिंगल बैंच ने 25 बस मालिकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया.

देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान पूरे देश में बसो के पहिए थम गए थे.मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने इस मामले में हाईकोर्ट की शरण ली थी. इस पर सोमवार को सुनवाई हुई.एसोसिएशन के प्रदेश सचिव वीरेंद्र कुमार साहू और भोपाल, उज्जैन, विदिशा, सागर, जबलपुर के 25 बस ऑपरेटर्स की ओर से मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तर्क दिया गया कि राज्य के बस ऑपरेटर्स को कोविड-19 की आपात परिस्थितियों में मध्य प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम-1991 की धारा-21 में वर्णित प्रावधान के अंतर्गत टैक्स की छूट संबंधी अधिसूचना जारी नहीं की गई. 24 मार्च, 2020 से देशव्यापी लॉकडाउन के कारण पूरे देश सहित प्रदेश की हजारों बसो के पहिए थमे हुए हैं.

इससे सड़क परिवहन का पूरा ढांचा ही बुरी तरह से प्रभावित हो गया है. भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय ने राज्यों को एडवाइजरी जारी की थी. उसमें वाहनों के फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण की तिथि 30 जून तक बढ़ाने की बात कही गयी थी. साथ ही तीसरी एडवाइजरी में कई अन्य राज्यों की तरह टैक्स दायित्व को कमर्शियल वाहनों के लिए निलंबित करने की सलाह दी थी. इसे लागू करने के लिए भी कहा था. ऐसा इसलिए ताकि ट्रांसपोर्टर को कठिन परिस्थितियों का सामना ना करना पड़े.

कर में छूट क्यों नहीं
बस ऑपरेटर्स ने कहा,बावजूद इसके प्रदेश के परिवहन आयुक्त ने परमिट की तिथि तो 30 जून तक बढ़ा दी लेकिन करों में छूट के संबंध में आज तक कोई आदेश पारित नहीं किया. जबकि मध्य प्रदेश मोटरयान अधिनियम-1991 की धारा 2

Back to top button