धर्म

जानिये इस बार सावन का महीना क्यों है खास ?

धर्म डेस्क: सावन का महीना शुरू हो चुका है. शिव भक्तों की भीड़ मंदिर में पहुंचने लगी है. भक्त भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर रहे हैं. कुछ भक्त तो सावन के महीने में पड़ने वाले सभी सोमवार का उपवास भी रख रहे हैं. इस सावन का पहला सोमवार 30 जुलाई को है. वहीं, उत्तराखंड, नेपाल और अन्य पहाड़ी इलाकों में 16 जुलाई से ही सावन शुरू हो चुका है. मान्यता है कि सावन के व्रत रखने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है और कुवांरी लड़कियों को अच्छा वर मिलता है. इस बार के सावन इसीलिए भी खास है क्योंकि 19 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि सावन का महीना पूरे 30 दिन तक चलेगा.

सावन का महीना कुछ जगहों पर अलग क्यों?
संक्रांति की गणना से सावन का महीना 16 जुलाई से ही शुरू हो गया है. यानी कि पहला सोमवार बीत चुका है. उत्तराखंड, नेपाल और अन्य पहाड़ी इलाकों में लोग संक्रांति की गणना को मानते हैं. लेकिन पूर्णिमा की गणना के अनुसार 28 जुलाई से सावन आरंभ हो रहा है और पहला सावन सोमवार 30 जुलाई को है. पूर्णिमा की गणना के अनुसार इस बार 30 जुलाई, 6 अगस्‍त और 13 अगस्‍त और 20 अगस्त समेत चार सोमवार होंगे. अगर संक्रांति की गणना को मानें तो इस बार सावन में पांच सोमवार है साथ ही सावन पूरे 30 दिनों का है. इस बार अधिक मास के कारण पांच सोमवार का योग बन रहा है.

संक्रांति की गणना के मुताबिक इस साल सावन के महीने में रोटक व्रत लग रहा है. शास्त्रों के अनुसार जिस साल सावन में 5 सोमवार होते हैं, उस साल रोटक व्रत लगता है. मान्यता के अनुसार रोटक व्रत यानी 5 सोमवार व्रत रखने वालों की भगवान शिव और माता पार्वती सभी इच्छाएं पूरी करते हैं.

सावन के महीने का महत्व
चैत्र के पांचवे महीने को सावन का महीना कहा जाता है. सावन के महीने का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव ने सावन के महीने में माता पार्वती की तपस्या से खुश होकर उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकारा था. सावन के महीने में भगवान शिव अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने में व्रत रखने वाली लड़कियों को भग

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