चिंता: लॉक डाउन में छूट के बूस्टर डोज से कटनी जोन का रंग बदलने में टाइम नहीं लगेगा
कटनी। लाकडाउन में छूट के 2 दिन में ही देश के हालात फिर से बिगड़ने लगे हैं। कटनी वैसे तो अब तक ग्रीन जोन में शामिल था। अधिकारी भी इसे लेकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। लेकिन छूट का जो बूस्टर डोज मिला उससे कटनी के जोन के रंग बदलने में टाइम नहीं लगेगा। दरअसल मुम्बई से जौनपुर जा रहे एक शख्श की मौत के बाद कटनी में दहशत है।
आपको बता दें कि कल ही कटनी में छूट का बड़ा फैसला लिया गया लेकिन अब जो खबर यह सामने आई तो कटनी में चिंता जायज है।
मुंबई के धारावी से यूपी के जौनपुर जा रहे एक 45 वर्षीय व्यक्ति की कटनी में मौत हो गई। जिसकी मौत हुई उसके साथ तीन दोस्त भी आए थे। उन्हीं की सूचना पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया था। मौत के बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने शव को मर्चरी में डाल दिया। उसके परिजनों को सूचना भी दे दी। लेकिन उन दोस्तों पर किसी की निगाह नहीं गई। न उनकी कोई खोज-खबर ली गई। नतीजा वो 46 घंटे तक मनमाने ढंग से अस्पताल में घूमते रहे। वो जब कटनी से जौनपुर के लिए रवाना हो गए तब अस्पताल प्रशासन को होश आया और पूरे अस्पताल को सेनेटाइज किया गया।
इसे लापरवाही की इंतिहां नही तो और क्या कहेंगे। एक 45 साल का व्यक्ति मुबई के धरावी से चलता है यूपी के जौनपुर जाने के लिए। कोई संसाधन नहीं मिला तो वह ट्रक से चल पड़ा। उसके साथ 3 दोस्त भी हैं। बीच रास्ते ही उसकी तबीयत खराब हो गई। जैसे-तैसे कटनी, मध्य प्रदेश पहुंचा। 17 मई को कटनी की सीमा छपरा नाका पर उतरा तो दोस्तों ने एंबुलेंस बुलाया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने शव को मर्चरी में डाल दिया। मगर उन तीन दोस्तों की खबर किसी ने नही ली, उन्हें क्वारंटीन करना तो दूर उन्हें पूरे अस्पताल में घूमने की छूट दे दी गई। वो दोस्त 46 घंटे तक अस्पताल में मनमाने तरीके से घूमते रहे।
बताया जा रहा है कि जव वो दोस्त 17 मई को कटनी सीमा के छपरा नाका पर ट्रक से उतरा तभी उसने दोस्तों को अपनी सेहत की जानकारी दी जिस पर 108 एंबुलेंस से उसे कटनी जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल लाते वक्त ही कर्मचारियों ने प्रारंभिक लक्षण के आधार पर उसे कोरोना संदिग्ध मान लिया। इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को भी दी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक की मौत हो गई। उसके बाद शव को 17 मई की शाम करीब 6 बजे पोस्टमार्टम कक्ष में रखकर परिजनों को सूचना दी गई।
अगले दिन सोमवार 18 मई को कोरोना के लिए गठित रैपिड रिस्पांस टीम ने मृतक और साथ आए तीन दोस्तों का सैंपुल लेकर जांच के लिए आईसीएमआर जबलपुर भेज दिया। सूचना पर कटनी पहुंचे परिजनों ने मंगलवार 19 मई शाम करीब 4 बजे शव ले जाकर मुक्ति धाम में अंतिम संस्कार कर दिया। इसी बीच उसी दिन जबलपुर से आई रिपोर्ट तो वह कोरोना पॉजिटिव निकला। उधर धरावी मुंबई से आने वाले कोरोना पॉजिटिव के दोस्त लगातार 17 से 19 मई तक अस्पताल में घूमते रहे। वे मंगलवार शाम जौनपुर के लिए रवाना हुए। अब कटनी प्रशासन समूचे घटनाक्रम की जानकारी जौनपुर प्रशासन को भेजने की बात कर रहा है।

