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चकमा देकर पुलिस अभिरक्षा से फरार पारधी महिला का सुराग नहीं

कटनी। नकली नोटों के मामले में पूछतांछ के लिए थाने लाई गई एक पारधी महिला की चकमा देकर पुलिस अभिरक्षा से फरार हो जाने की घटना केवल रीठी बल्कि पूरे कटनी जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।

नाक बचाने जगह-जगह छापेमारी, नकली नोटोंं के साथ पकड़ी गई थी महिला 

रीठी पुलिस द्वारा महिला की तलाश में जगह-जगह छापेमारी के बाद भी उसका कहीं सुराग नहीं मिला। पुलिस अभिरक्षा से महिला के फरार होने और तीन-चार दिन बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाने को लोग पुलिस की नाकामी के रूप में देख रहे हैं।

गौरतलब है कि बीते सोमवार को मुखबिर की सूचना पर रीठी पुलिस ने थाना क्षेत्र के ग्राम हरदुआ से पारधी जाति की एक महिला को हिरासत में लिया था और थाने लाकर उससे पूछताछ कर रही थी। महिला के कब्जे से 500-500 के 9 नकली नोट बरामद किये गये।

रात्रि में भी महिला पुलिस की हिरासत में रही। दूसरे दिन मंगलवार को पुलिस पूछतांछ पूरी करने के बाद अपराध कायम कर महिला को न्यायालय में पेश करने की तैयारी में थी पर पुलिस की यह तैयारी धरी की धरी रह गई।

तड़के पुलिस को चकमा देकर पारधी महिला फरार हो गई। बताया गया कि सुबह-सुबह शौचक्रिया के लिए एक महिला आरक्षक के साथ आरोपी पारधी महिला को शौचालय ले जाया गया पर उसने शौचालय में जाने की आदत नहीं होने का बहाना बनाकर खुले में ही शौंच करने की बात कही। पारधी महिला की बातों में आकर महिला आरक्षक शौच के लिए उसे खुले मैदान में ले गई जहां से अंधेरे का फायदा उठाते हुए पारधी महिला फरार हो गई। महिला के फरार हो जाने की बात पता चलते ही पुलिस उसकी तलाश में जुट गई पर तीन दिन के तलाशी अभियान के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

बताया गया कि रीठी क्षेत्र के बिरूहली, देवगांव, खरखरी, देवरी, नैगवां आदि ग्रामों में पारधियों के डेरे हैं। इन सभी डेरों में पुलिस दबिश दे चुकी है। महिला के पास आइडिया कंपनी का मोबाइल है। साइबर सेल के माध्यम से भी पुलिस महिला की लोकेशन पता करने का प्रयास कर रही पर मोबाइल बंद बता रहा है। रीठी थाने से पारधी महिला के फरार हो जाने की खबर सोशल मीडिया में भी चर्चा का विषय है लोग सारा दोष पुलिस पर मढ़ रहे हैं।

यहां तक कि पुलिस अधीक्षक से थाना प्रभारी के विरूद्घ कार्यवाही किये जाने की मांग भी उठाई जा रही है। बहरहाल पुलिस अभिरक्षा से महिला की फरारी रीठी पुलिस की गिरफ्तारी के बाद ही पुलिस ग्रामीणों का भरोसा जीत पाएगी।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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