गर्ल्स और तिलक कॉलेज के छात्रों ने की प्रोफेसर सुनीता मसराम के मौत को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग
कटनी। गर्ल्स कॉलेज की पूर्व प्राध्यापक डॉ. सुनीता मसराम की पिछले दिनों सड़क दुर्घटना में हुई मौत की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर गल्र्स कॉलेज और तिलक कॉलेज के छात्रसंघ पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी को एक ज्ञापन सौंपा।
पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन, मुख्यमंत्री को भी भेजी शिकायत
एसपी को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि 1 अप्रैल को सागर-दमोह के बीच चनाटोरिया के पास सड़क दुर्घटना में गल्र्स कॉलेज कटनी की पूर्व प्रभारी प्राचार्य एवं मेश्राम कॉलेज इंदौर में पदस्थ प्राध्यापक डॉ. श्रीमती सुनीता माराम की मृत्यु हो गई थी। श्रीमती सुनीता मसराम इंदौर से अपने पति कमलेश यादव के साथ कार द्वारा कटनी वापस आ रही थीं। कार को उनका ड्राइवर चला रहा था। उल्लेखनीय है कि इस घटना के बाद ड्राइवर और उनके पति कमलेश यादव पूरी तरह स्वस्थ हैं, जबकि श्रीमती मसराम की गर्दन उनके धड़ से अलग हो गई थी। छात्रों ने ज्ञापन में आरोप लगाते हुए कहा कि यही बिंदु पूरे घटनाक्रम को संदेहास्पद बना रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कमलेश यादव ने डॉ सुनीता मसराम से झूठ बोलकर विवाह किया था, जबकि वो शादीशुदा थे और पत्नी व तीन बच्चे नगर सुधार न्यास कॉलोनी में रहते हैं। उनका खर्च भी कमलेश ही वहन करता है। इस बात को लेकर श्रीमती सुनीता मसराम एवं कमलेश यादव के बीच विवाद भी होते रहते थे।
कमलेश यादव द्वारा डॉ. सुनीता मसराम से अपनी सेवा पुस्तिका एवं सभी शासकीय रिकॉर्ड में नॉमिनी के रूप में अपना नाम दर्ज कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा था, जबकि उसने अपनी पूर्व पत्नी को बिना तलाक दिये दूसरा विवाह किया था।
इसके अलावा वाहन क्रमांक एमपी सीए 5378 गाड़ी में यह हादसा हुआ है। वस्तुस्थिति से प्राप्त फोटो के आधार पर यह कहीं से यह प्रतीत नहीं होता कि दुर्घटना इतनी भयावह रही होगी, जिसमें डॉ सुनीता मसराम की गर्दन उनके धड़ से अलग हो जाए, जबकि कमलेश यादव और उसके ड्राइवर को इतनी सांघेतिक चोटें तक नहीं आईं।
जल्दबाजी में क्यों किया गया अंतिम संस्कार
छात्रसंघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि डॉ. सुनीता मसराम की मृत्यु के बाद दूसरे दिन उनके पति कमलेश यादव एवं ड्राइवर उनका पार्थिव शरीर लेकर शाम को 7 बजे कटनी पहुंचते हैं । और 7.30 बजे सिविल लाइन स्थित समकित अपार्टमेंट से अंतिम यात्रा लेकर कुछ देर बाद रात्रि 8 बजे तक अंतिम संस्कार भी कर दिया जाता है। छात्रों ने अंतिम संस्कार जल्दबाजी में किए जाने को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े किए हैं।
छात्रों ने इस संदेहास्पद सड़क हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद विष्णुदत्त शर्मा, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक भोपाल एवं कलेक्टर को भी प्रेषित की है।

