गढ़चिरौली एनकाउंटर: कोबरा कमांडो का सबसे बड़ा ‘ऑपरेशन’, 48 घंटो में 37 नक्सली ढेर
नेशनल डेस्क। महाराष्ट्र के गड़चिरौली में दो दिनों में 37 नक्सलियों को मौत के घाट उतारने वाले C-60 कमांडों यानी कोबरा कमांडों का अब तक यह सबसे बड़ा और सबसे सफल ऑपरेशन रहा है।
C-60 कमांडों की दो यूनिट यानी 60 कमांडो एक साथ घने जंगलों में गश्त लगा रहे थे. C-60 कमांडों के साथ गड़चिरौली पुलिस के अधिकारी भी थे. सभी लोग हथियारों से लैस एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने निकले थे. खुफिया विभाग और C-60 कमांडों को सटीक जानकारी मिली थी कि भामरागढ़ के एक जगह पर 50 से 70 नक्सलियां ने डेरा जमा रखा है. यह जानकारी इतनी ज्यादा सटीक थी की C-60 कमांडों को यह पता था, कि अगर यह ऑपरेशन सफल हुया तो एक साथ 40-50 नक्सली मारे जाएंगे.
इस पूरे ऑपरेशन में सटीक इंटिलिजेंस इनपुट का काफी अहम रोल रहा. 21 अप्रैल की शाम को C-60 कमांडों को मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों की गड़चिरौली के आस-पास बड़ी संख्या में मूवमेंट है. लेकिन पुलिस और कंमाडों को सही लोकेशन का पता नहीं था. जानकारी मिलने से C-60 कमांडों की दो यूनिट और गड़चिरौली पुलिस 21 की रात को ही जंगलों में निकल गए थे. सुबह तक पुलिस और C-60 कमांडों के हाथ कोई सुराग नहीं लगा था. एक पल को पुलिस और कमांडो को लगा कि जानकारी गलत थी.
तभी सुबह 8 बजे C-60 कमांडों को उनके खबरियों से जानकारी मिलती है कि भामरागढ़ में 50-60 लोगों के लिए नाश्ता भेजा जा रहा है. इस जानकारी के बाद पुलिस ने अपने खबरियों से जानकारी निकाली तो पता चला की यह नाश्ता और किसी के लिए नहीं बल्कि नक्सलियों के लिए ही भेजा जा रहा था. सटीक जानकारी, सटीक लोकेशन मिलने के बाद C-60 कमांडों और पुलिस भामरागढ़ के लिए रवाना हो गए.
शरद सैलार, आई जी, नक्सल ऑपरेशन ने कहा “हमने इस ऑपरेशन को पूरे प्लानिंग के तेहत अंजाम दिया है, खुफियां सूचना और इनपुट के आधार पर ऑपरेशन किया गया है.”
पुलिस के मुताबिक जहां पर यह एनकाउंटर हुआ है वहां पर एक नदीं भी है, जो महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ का बॉडर है. इतने बड़े हमले के बाद कुछ नक्सली नदी में कूद कर फरार भी हो गए थे. इस ऑपरेशन के बाद दूसरे ही दिन यानी 23 अप्रैल को C-60 कमांड़ो ने एक और एनकाउंटर में 6 और नक्सलियो को मार गिराया. यानी 48 घंटों में C-60 कमांडों और गड़चिरौली पुलिस ने 37 नक्सलियों के ढेर कर दिया.
महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फणनविस, का कहना है कि यह पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी है, इससे नक्सलियों का मनोबल काफी गिरेगा, और हमारे पुलिस का मनोबल काफी बढ़ा है. इस ऑपरेशन में नक्सलियों के दो डिविजनल कमिटी मेन, शीनू और साईनाथ भी मारे गए, जो नक्सलियों के लिए काफी बड़ा झटका है. मारे गए 37 नक्सलियों में 19 महिला नक्सली थी

