खेत में बैठे-बैठे ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से कर दी 25 लाख की ठगी

इंदौर। खेत में बैठकर आरोपियों ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से लाखों की धोखाधड़ी की है। आरोपी सामान का ऑर्डर देते थे फिर नहीं पहुंचने की शिकायत करते हुए मिसिंग बताते थे। उसके बाद रुपए रिटर्न करने के नाम पर धोखाधड़ी करते थे। बाद में आया हुआ सामान भी बेच देते थे। इस तरह उन्होंने अमेजोन और फ्लिपकार्ट जैसी नामी कंपनियों से 25 लाख रुपए हड़प लिए।

फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी सोहेल पटेल निवासी पलवाड़ा (जिला-धार), संदीप राठौर निवासी खलेली गांव (तहसील कुरावर जिला राजढ़) और एक अन्य नाबालिग है। पेमेंट वॉलेट हैक कर उसकी राशि ट्रांसफर करने के मामले में तीनों को रविवार को गिरफ्तार किया था।

पूछताछ में उन्होंने ऑनलाइन कंपनी से ठगी की बात भी स्वीकारी। तीनों अन्य लोगों के नाम पर दो-तीन सिम निकालकर उनके ई-वॉलेट से रुपए निकाल लेते थे। आरोपी यह फर्जीवाड़ा इंटरनेट और मोबाइल के माध्यम से करते थे। तीनों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया।

टैक्सी कंपनी से भी धोखाधड़ी

आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वो उबर व ओला टैक्सी कंपनी के डिस्काउंट के ओटीपी नंबर को बेचते थे। वाट्सएप पर आरोपियों से जुड़े 11 हजार लोग यही गोरखधंधा कर रहे थे। वाट्सएप पर ओटीपी नंबर की बोली लगती थी। आरोपी वाट्सएप और फेसबुक हैक करने की ट्रिक भी बेचते थे। इनका सौदा वाट्सएप गु्रप में होता था। ग्रुप में इनसे कई हैकर जुड़े थे।

विशेष टीम करेगी केस की जांच

वाट्सएप गु्रप में 22 राज्यों के 11 हजार लोग जुड़े हैं। ग्रुप के लोग अलग-अलग तरह से ऑनलाइन ठगी करने में माहिर हैं। उन्हें पकड़ने के लिए साइबर सेल ने विशेष टीम गठित की है।

एक कार्ड पर दूसरी सिम निकले तो आ जाए मैसेज

साइबर सेल की टीम ने बताया कि हैकर एक कदम आगे हैं। आजकल ऑनलाइन सिस्टम हो गया है। आधार कार्ड को ऑनलाइन तो कर दिया लेकिन बदमाश उसी कार्ड से एक नहीं दो से ज्यादा सिम निकाल लेते हैं। इसकी सूचना ग्राहक को भी नहीं होती। आने वाले समय में सुरक्षा के लिहाज से ऐसी योजना होना चाहिए जिससे यदि कार्ड से दूसरी सिम निकले तो कार्डधारक को उसका पता चल जाए। इसके लिए मैसेज या फिर कोई सूचना उस तक पहुंचना चाहिए। तब जाकर ऑनलाइन की योजना सफल मानी जाएगी।

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