कोर्ट ने आरोपियो को किया दोषमुक्त, और युवती को कहा-कलंकात्मक उदाहरण

ग्वालियर । न्यायिक मजिस्ट्रेट ने घरेलू हिंसा के मामले में 5 आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए पीड़िता पर गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि एक ओर जहां घरेलू हिंसा से वास्तविक रूप से पीड़ित महिलाएं न्यायालय तक नहीं पहुंच पाती हैं, लेकिन प्रियंका चंदेरिया जैसी महिलाएं घरेलू हिंसा का दुरुपयोग करती हैं। आरोपीगण पर दबाव बनाने के लिए घरेलू हिंसा अधिनियमों के प्रावधानों का उपयोग करती है और मनमाने तरीके से अपनी शर्तें को मनवाती हैं। ऐसी महिलाएं वास्तविक रूप से पीड़ित महिलाओं के समक्ष कलंकात्मक उदाहरण है।
सुमित का विवाह 20 फरवरी 2015 को प्रियंका चंदेरिया से हुआ था। प्रियंका का मायके जाने को लेकर सुमित से विवाद हो गया। इससे नाराज होकर उसने 18 जून 2016 को सुमित सहित उसके परिजनों के खिलाफ थाटीपुर थाने में घरेलू हिंसा का केस दर्ज करा दिया।
उसने आरोप लगाया कि शादी के बाद से 10 लाख रुपए दहेज में लाने के लिए दबाव बनाया जाने लगा और उसके लिए प्रताड़ित करते हैं। पुलिस ने मामले की जांच कर कोर्ट में चालान पेश किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में केस की ट्रायल चली। कोर्ट ने गवाह व साक्ष्यों के आधार पर पाया कि उसने झूठा केस दर्ज कराया है। दहेज व घरेलू हिंसा का मामल नहीं बनता है। कोर्ट ने आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए फरियादी पर गंभीर टिप्पणी की।








