कावेरी जल विवाद पर SC ने सुनाया बड़ा फैसला, नदी पर किसी राज्य का अधिकार नहीं
बेंगलुरु। दक्षिण भारतीय राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के बीच वर्षों पुराने कावेरी जल विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान कहा कि नदी पर कभी भी कोई राज्य दावा नहीं कर सकता क्योंकि इस पर किसी का अधिकार नहीं होता है। कोर्ट ने कहा कि फैसले को लागू करना अब केंद्र का काम है। कोर्ट ने कहा कि तमिलनाडु को 177.25 TMC पानी दिया जाए। इस मामले में प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति ए.एम खानविलकर तथा न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़़ की पीठ ने फैसला सुनाया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बेंगलुरु में सुरक्षा कड़ी रखी गई। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त टी.सुनील कुमार ने बताया कि 15 हजार पुलिसकर्मियों को इस दौरान ड्यूटी पर तैनात किया गया। इसके अलावा कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस के कर्मी और अन्य सुरक्षाबलों को भी तैनात किया गया।

बता दें कि 2007 में सीडब्ल्यूडीटी ने कावेरी बेसिन में जल की उपलब्धता को देखते हुए एकमत से निर्णय दिया था। फैसले में तमिलनाडु को 419 टीएमसीफुट (हजार मिलियन क्यूबिक फुट) पानी आवंटित किया गया था जबकि कर्नाटक को 270 टीएमसीफुट, केरल को 30 टीएमसीफुट और पुडुचेरी को सात टीएमसीफुट पानी आवंटित किया गया था।

