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कानपुर एनकाउंटर: 100 टीमें, 10 हजार जवान फिर भी पांच दिन बाद तक खाली हाथ

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वेब डेस्क। आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में ढाई लाख के इनामी बदमाश विकाश दुबे और उसके साथियों का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस ने दहशतगर्दों की तलाश में 100 टीमें, 10 हजार जवान व एसटीएफ लगाने का दावा किया है, पर खास नतीजे नहीं मिले।

चौबेपुर के बिकरू गांव में सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों का हत्यारा विकास दुबे मुठभेड़ के बाद खेतों के रास्ते साइकिल से फरार हुआ।

शिवली पहुंचकर अपने परिचित से बाइक ली और वहां से लखनऊ निकला। शिवली में ही उसने अपना मोबाइल बंद किया। उधर, उसकी पत्नी की आखिरी लोकेशन चंदौली में मिली है।

इससे बेटे समेत तीनों के पूर्वांचल में होने या वहां से नेपाल भाग जाने की आशंका बढ़ गई है। यह पूरी जानकारी सर्विलांस, क्राइम ब्रांच और स्वॉट टीम ने जुटाई है।

दो जुलाई को रात पौने एक बजे से करीब डेढ़ बजे तक मुठभेड़ चली। दो सवा दो बजे एसएसपी समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे थे। तब तक विकास और उसके गुर्गे फरार हो चुके थे।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक बदमाश अपने-अपने साधन से अलग-अलग फरार हुए। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि विकास साइकिल से खेतों के रास्ते शिवली पहुंचा।

यहां वह अपने एक करीबी के घर गया और उसकी बाइक ली। फिर मोबाइल बंद कर दिया। सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की टीम ने इतना तो ट्रेस किया कि वह लखनऊ की तरफ भागा है।

लेकिन फोन बंद हो जाने के कारण आगे किधर गया और कहां गया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

 

पहले ही घर से निकल गए थे पत्नी और लड़का
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ से पहले ही विकास दुबे ने लखनऊ में रहने वाली अपनी पत्नी रिचा दुबे व बेटे को जानकारी दे दी थी।

वे दोनों रात करीब दो बजे घर से निकल गए। सर्विलांस ने जब रिचा की लोकेशन ट्रेस की तो पता चला कि उसने तीन जुलाई की सुबह चंदौली में अपना मोबाइल बंद किया है।

पूर्वांचल के जिलों की पुलिस को अलर्ट किया गया
पुलिस अब अंदाजा लगा रही है कि विकास और उसकी पत्नी यहां से अलग-अलग चंदौली पहुंचे। वहीं तीनों मिले।

यहां से एक साथ फरार हो गए। पूर्वांचल के जिलों में उनके होने की आशंका बढ़ गई है। कानपुर पुलिस ने वहां के जिलों की पुलिस से संपर्क कर अलर्ट जारी किया है।

 

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