Latest

कांग्रेस के किराए वहन करने वाले बयान पर शहनवाज का पलटवार

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के मजदूरों के किराए कांग्रेस पार्टी द्वारा वहन किये जाने वाले बयान पर पलटवार किया है।  शहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा संकट की घड़ी में फैलाई जा रही यह झूठ की राजनीति है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी रेल किराए पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और कांग्रेस पार्टी के तमाम नेताओं के दुर्भावना से प्रेरित दुष्प्रचार की कड़ी निंदा करती है। वास्तव में दुष्प्रचार करना और समाज में झूठ के जहर का बीज बोना ही तो कांग्रेस की कार्य-संस्कृति रही है।

बेतुका और हास्यास्पद

कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी द्वारा केंद्र सरकार पर प्रवासी मजदूरों से घर-वापसी के लिए रेल किराया वसूलने का आरोप जितना झूठ, तथ्यहीन, भ्रामक और गुमराह करने वाला है, उतना ही कांग्रेस द्वारा मजदूरों की ‘मुफ्त’ रेल यात्रा के किराए का भार वहन करने की बात करना भी बेतुका और हास्यास्पद है।
सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी के नेतृत्व में कांग्रेस द्वारा फैलाई जा रही झूठ की हकीकत ये है कि जरूरतमंद प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए रेलवे द्वारा 85% और संबंधित राज्य सरकारों द्वारा केवल 15% खर्च उठाया जाना है।

अपनी राज्य सरकारों को समझाएं
कांग्रेस पार्टी द्वारा मजदूरों के यात्रा भाड़े का खर्चा उठाने की बात कहने की बजाय यह बेहतर होता अगर वे अपनी राज्य सरकारों को ऐसे समय में राजनीति न करने और कांग्रेसी सरकारों के हिस्से में आने वाले भाड़े के शेयर को चुकाने का निर्देश देतीं। सच्चाई यह है कि महाराष्ट्र, राजस्थान और पंजाब जैसे कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारें इसमें राजनीति कर रही हैं।

जिसकी नीयत में खोट

कोरोना महामारी से वैश्विक संकट के समय भी इतनी तुच्छ राजनीति करना कांग्रेस के वैचारिक दिवालियेपन को दर्शाता है जिसकी नीयत में खोट है। गरीब और जरूरतमंद लोगों की भावनाओं के साथ खेल करना ही कांग्रेस की राजनीति का मसकद रहा है। प्रवासी मजदूरों की वापस पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बयान पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। कांग्रेस का वैसे भी पहले झूठे वादों और फिर उसे कभी पूरा न करने का इतिहास रहा है
कांग्रेस से देश को कभी भी सच, सेवा और सहयोग की आशा तो रही नहीं, हालांकि देश इतनी अपेक्षा कांग्रेस से जरूर करता था कि कोरोना महामारी से वैश्विक संकट के समय तो कम से कम इतनी तुच्छ राजनीति नहीं करेगी, हालांकि देश का ऐसा सोचना भी गलत साबित हुआ।

Back to top button