नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 22वीं बैठक में सरकार ने छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत का ऐलान किया।
इस बैठक में कंपोजीशन स्कीम लेने की सीमा को 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए कर दिया गया है।सरकारने रिटर्न फाइलिंग में भी बड़ी राहत दी है। साथ ही सरकार ने रिवर्स चार्ज में भी राहत देने की तैयारी कर ली है, जिस पर काउंसिल अगली मीटिंग में कोई फैसला कर सकती है। गौरतलबहै कि काउंसिल की यह बैठक 18 दिन पहले हुई है। पहले इस बैठक का 24 अक्टूबर को होना प्रस्तावित था।

छोटे कारोबारियों को बड़ा फायदा-
काउंसिल की इस बैठक से छोटे कारोबारियों को बड़ा फायदा मिल गया है। काउंसिल ने कंपोजीशन स्कीम का फायदा लेने की सीमा को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए कर दिया है। पहले यह सीमा 75 लाख रुपए प्रस्तावित थी। आपको बता दें कि इस स्कीम के तहत टैक्स रेट कम है। इस स्कीम के तहत कारोबारियों को सिर्फ 2 फीसद का टैक्स चुकाना होता है।
रिटर्न फाइलिंग में भी दी बड़ी राहत-
1 जुलाई को वस्तु एवं सेवा कर लागू होने के बाद GSTR-1, GSTR-2 और GSTR-3 फॉर्म हर महीने भरना होता था, लेकिन अब आपको ये ही तीनों फॉर्म तिमाही आधार पर भरने होंगे। यह एक बड़ी राहत है। हालांकि आपको टैक्स का भुगतान हर महीने करना होगा।
रिवर्स चार्ज पर भी मिल सकती है राहत-
जीएसटी काउंसिल रिवर्स चार्ज पर भी राहत देने के मूड में नजर आ रही है। माना जा रहा है का काउंसिल अगली बैठक में इस पर कोई अहम फैसला ले सकती है।
रिवर्स चार्ज को आप इस तरह समझ सकते हैं कि जब आप किसी अन अधिकृत डीलर से माल खरीदते हैं, तो आपको टैक्स भरना होगा और फिर उस पर चुकाए गए पैसे पर अतिक्त टैक्स के लिए क्लेम करना होगा।
वहीं एक करोड़ टर्नओवर वाले व्यापारी पर एक फीसदी टैक्स भरना होगा। वहीं मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में काम रही इकाईयों को इतने ही टर्नओवर के लिए दो फीसदी की दर से टैक्स चुकाना होगा।
इसके अलावा रेस्टोरेंट संचालकों पर एक करोड़ तक के टर्नओवर के लिए पांच फीसदी टैक्स भरना होगा।









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