एमबीबीएस काउंसलिंग: दूसरे चरण में दाखिला नहीं लिया तो 1 लाख रुपए देना होगा

भोपाल। प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सीट आवंटन के बाद दाखिला नहीं लेना उम्मीदवारों को महंगा पड़ेगा। निजी कॉलेज का विकल्प भरने वाले छात्रों को 1लाख रुपए और सरकारी कॉलेज के छात्रों में आरक्षित और अनारक्षित श्रेणी के लिए क्रमश: 5 हजार और 10 हजार रुपए देना होगा। दूूसरे चरण से की काउंसलिंग के समय ही यह व्यवस्था लागू होगी।
काउंसलिंग के दौरान पसंदीदा कॉलेज का विकल्प भरते समय ही छात्रों को एमपी ऑनलाइन में यह राशि जमा करना होगी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने 21 में इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए थे। इसका मकसद यह है कि छात्र बेवजह सीट ब्लाक न करें।
बता दें कि कई छात्र एक साथ कई कॉलेजों को विकल्प भरते हैं। इसके बाद एक जगह भी दाखिला नहीं लेते। ऐसे में इन सीटों को अगले चरण की काउंसलिंग में भरना होता है। आखिर में निजी कॉलेजों की कुछ सीटें खाली रह जाती हैं।
एनआरआई सीटों पर इस साल डीएमई देगा दाखिला
निजी कॉलेजों में एनआरआई कोटे की सीटों पर दाखिले इस साल चिकित्सा शिक्षा संचालनालय देगा। पिछले साल दाखिले में गड़बड़ी होने के बाद संचालनालय ने यह निर्णय लिया है। 2017-18 में निजी कॉलेजों ने कई ऐसे छात्रों को दाखिला दे दिया था जो एनआरआई के मापदंड में खरे नहीं उतर रहे थे। जांच के बाद संचालनालय चिकित्सा शिक्षा ने 114 में 107 छात्रों के दाखिले निरस्त कर दिए थे। अब हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति इन छात्रों की जांच कर रही है।

