इंदौर हादसा: 4 दिन पहले मिली नौकरी पांचवें दिन मिल गई मौत
सुसनेर। इंदौर के एमएस होटल धराशायी होने पर सुसनेर निवासी राकेश राठौर पिता मांगीलाल राठौर (26) की मलबे मे दबने से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार राकेश 4 दिन पहले ही होटल में रूम सर्विस की नौकरी मिली था।
इसकी ड्यूटी का समय रात 8 से 2 बजे तक था। हादसे के समय राकेश ड्यूटी पर था। मलबे में दबने से उसकी मृत्यु हो गई। रविवार सुबह सुसनेर में राकेश का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार में पिता मांगीलाल राठौर, मां सीताबाई, पत्नी और दो साल की बेटी व भाई हैं। पिता स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं।
उल्लेखनीय है कि राकेश गांव में छोटी सी गुमटी में किराने की दुकान चलाता था। 8 महीने पहले ही इंदौर गया था और सियागंज में व्यापारी के यहां नौकरी करने लगा। हाल ही में इसी होटल में नौकरी करने लगा।
इंदौर शहर के इतिहास का यह सबसे भयावह हादसा 9 बजकर 14 मिनट और 52 सेकंड पर हुआ। प्रशासनिक अफसरों ने हादसे का कारण एक कार का इमारत के पिलर के टकराने से होना बताया है।
हादसे में मरने वालों में हरीश पिता गणेशप्रसाद सोनी (65) निवासी स्कीम 71, आनंद पिता बसंतीलाल पौडवाल (27) निवासी जवाहर मार्ग (नागदा), राजू उर्फ पप्पू पिता रतनलाल सेन (40) निवासी रुस्तम का बगीचा, राकेश पिता मांगीलाल राठौर (26) निवासी नंदबाग कॉलोनी (बाणगंगा), शंकर पिता संतोष दुबे (25) निवासी चंद्रविहार कॉलोनी उमरिया (किशनगंज), सत्यनारायण पिता रामानंद चौहान (60) निवासी लुनियापुरा व सिमरन दीवान (23) निवासी बुरहानपुर हैं।

