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आदित्य के अपहरण हत्या के मुख्य आरोपी की मौत, पूरे घटनाक्रम की होगी न्यायिक जांच

Jabalpur Crime News जबलपुर। शहर के खनन कारोबारी मुकेश लांबा के 13 वर्षीय पुत्र आदित्य लांबा के अपहरण और मौत के मामले में मुख्य आरोपित रहे राहुल उर्फ मोनू विश्वकर्मा (30) का सोमवार को तीन डॉक्टरों की पैनल ने पोस्टमार्टम किया। टीम में फोरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. विवेक श्रीवास्तव, डॉ. मुकेश राय व डॉ. ईशा सिंह शामिल रहीं।

वीडियोग्राफी कराने के साथ ही प्रथम श्रेणी दंडाधिकारी उमेश सोनी की निगरानी में प्रक्रिया पूरी की गई। एडिशनल एसपी गोपाल खांडेल ने बताया कि आरोपित रहे मोनू की मौत की न्यायिक जांच के आदेश जिला न्यायालय ने दिए हैं। पुलिस हिरासत में आ चुके आरोपित की मौत किस परिस्थिति में हुई इसका पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। घटना को जघन्य और सनसनीखेज वारदात में चिन्हित किया गया है।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम होने के बाद मृतक के शव को स्वजन घर नहीं ले गए। स्थानीय गढ़ा चौहानी मुक्तिधाम में स्वजनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। शहडोल से आए मृतक के बड़े भाई ने मुखाग्नि दी। वहीं गिरफ्त में आए दो अन्य आरोपितों करण जग्गी और मलय राय को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।

मोनू के अंतिम संस्कार के दौरान गढ़ा चौहानी मुक्तिधाम परिसर में मौजूद आरोपित के स्वजनों ने पुलिस पर कानून हाथ में लेने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मोनू को अपराध की सजा न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार मिलनी थी, लेकिन पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई।

आदित्य के घर में पसरा मातम

खनन कारोबारी मुकेश लांबा के घर में सोमवार को मातम पसरा रहा। रोते स्वजनों को पड़ोसियों व नजदीकी रिश्तेदारों ने ढांढस बंधाया। स्वजन हर बार आदित्य को याद कर निढाल हो रहे थे। आदित्य के पिता मुकेश और मां सुमन कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं थे। वहीं बहन रितु भी अपने छोटे भाई की तस्वीर को देखकर बार-बार रो रही थी। कॉलोनी के नजदीकी लोगों का लांबा के घर में आना-जाना लगा रहा।

यह था मामला

जबलपुर के खनन कारोबारी मुकेश लांबा के पुत्र आदित्य लांबा(13) का अपहरण 15 अक्टूबर को तीन आरोपितों ने धनवंतरि नगर से कर लिया था। 16 अक्टूबर को उसकी आरोपितों ने हत्या कर दी। 18 को आदित्य का शव पनागर की नहर में मिला था। रविवार शाम को ही मुख्य आरोपित राहुल उर्फ मोनू विश्वकर्मा की इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई थी।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम