Monday, April 6, 2026
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मध्यप्रदेश

आत्महत्या के लिए खाई में कूदी महिला ने पुलिस कर्मियों पर फेंके पत्थर

भोपाल। रोज-रोज की कलह से परेशान और पति से विवाद के चलते खोजनपुर निवासी एक महिला ने मंगलवार को नर्मदा ब्रिज की खाई में कूद कर आत्महत्या करने की कोशिश की। महिला को बचाने के लिए उसका पति व बच्चों ने कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। घटना की जानकारी लगने के बाद सिटी कोतवाली का अमला मौके पर पहुंचा।

गहरी खाई के करीब पहुंच चुकी महिला को बचाने के लिए पुलिस कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। उसने बचाने के लिए खाई में उतरे दो आरक्षकों पर महिला ने पत्थर से हमला कर दिया। हमले में एक आरक्षक के सिर में गंभीर चोट आई है जबकि एक अन्य आरक्षक फिसल गया जिसके चलते उसकी कमर में चोट है। जैसे-तैसे महिला को पुलिसकर्मियों ने पकड़ लिया और उसे ऊपर ले आए।

महिला को सकुशल बचाने के बाद दोनों घायल आरक्षकों अरविंद धनगर और महेंद्र टेकाम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ड्यूटी के दौरान अदम्य साहस का परिचय देने वाले दोनों आरक्षक अंकित धनगर व महेंद्र टेकाम को जीवन रक्षा पदक प्रदान किए जाने की अनुशंसा एसपी अरविंद सक्सेना ने की है। एसपी ने सिटी कोतवाली टीम द्वारा किए गए कार्य को लेकर पीठ थपथपाई है।

पति से विवाद के बाद पहुंची थी आत्महत्या करने

कोतवाली टीआई विक्रम रजक ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिली थी कि एक महिला नर्मदा ब्रिज के पास बने हनुमान मंदिर के पीछे गहरी खाई के किनारे खड़ी है और वहां से कूदने का प्रयास कर रही है। सूचना मिलने के बाद वे अपनी टीम के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। जहां देखा कि उक्त महिला अपने दोनों हाथों में पत्थर लिए खड़ी थी और कूदने की कोशिश कर रही थी। महिला को समझाने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन महिला कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी। महिला ने जब कुछ नहीं सुना तो उसे बचाने के लिए तुरंत प्लानिंग बनाई।

महिला को बचाने आरक्षकों ने लगाई जान की बाजी

महिला को बचाने के लिए सिटी कोतवाली टीम के आरक्षकों ने अपनी जान की बाजी लगा दी। टीआई विक्रम रजक ने आरक्षक अंकित धनगर व महेंद्र टेकाम को दिशा निर्देश दिए। दोनों आरक्षकों ने साहस व बुद्धिमता का परिचय देते हुए खाई के पीछे से ऊपर कठिनाई पूर्वक चढ़ गए और उक्त महिला के पास पहुंच गए। जैसे ही आरक्षकों ने महिलाओं को रोड की तरफ ले जाने की कोशिश की तभी महिला ने हाथ में रखे पत्थर से दोनों आरक्षकों पर हमला कर दिया। महिला के हमले में लहुलूहान हो चुके आरक्षक अंकित और महेंद्र ने उसे पकड़े रखा और उसे रोड की ओर ले आए।

खाई में फिसला आरक्षक

महिला को जब दोनों आरक्षक ऊपर की ओर ला रहे थे तभी आरक्षक महेंद्र का पैर फिसल गया और वह नीचे की ओर जाने लगा, बहादुरी दिखाते हुए एक झाड़ी के सहारे महेंद्र भी ऊपर की ओर आ गया। महिला को सकुशल बचाने के बाद दोनों आरक्षकों को लहुलूहान हालत में सिटी कोतवाली ले जाया गया जहां जहां उनकी हालत देखते हुए भर्ती कर लिया गया। घटना की जानकारी लगने के बाद पुलिस महकमे के आला अधिकारी भी जिला अस्पताल पहुंचे और आरक्षकों के हाल जाने।

पति ने कहा पत्नी की मानसिक हालत ठीक नहीं

खोजनपुर निवासी पेशे से ट्रक ड्रायवर छगन लाल केवट ने बताया कि उसकी पत्नी आशा केवट की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है उसका इलाज चल रहा है। मंगलवार की सुबह जब सो कर उठे तो पत्नी ने किसी बात को लेकर विवाद करना शुरु कर दिया। कुछ देर बाद वह भाग कर घर के बाहर निकली उसके पीछे तीन बच्चे भी भागे। बच्च आशा को रुकने के लिए कह रहे थे, लेकिन वह नहीं मानी और नर्मदा ब्रिज की झाड़ियों में आकर खड़ी हो गई और कुछ देर बाद खाई तक पहुंच गई। छगन के मुताबिक पत्नी आशा पहले भी आत्महत्या करने की कोशिश कर चुकी है। उसकी बीमारी गंभीर होती जा रही है। महिला को पुलिस सुरक्षा के बीच सिटी कोतवाली लाया गया, जहां उससे पूछताछ के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

जीवन रक्षा पदक के लिए की अनुशंसा

सिटी कोतवाली के आरक्षकों अंकित व महेंद्र की बहादुरी से खुश एसपी अरविंद सक्सेना ने दोनों आरक्षकों को जीवन रक्षा पदक प्रदान किए जाने की अनुशंसा की है। एसपी ने इसे सोशल पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण बताया है। उल्लेखनीय है कि उक्त दोनों आरक्षकों ने हाल ही में बाइक चोरी व गांजा तस्कर को पकड़ने में भी अहम भूमिका निभाई थी।

इनका कहना है

महिला आत्महत्या करने की कोशिश कर रही थी, उसकी जान बचाना हमारी प्राथमिकता थी। अंकित व महेंद्र ने जिस तरह बहादुरी का परिचय दिया वह काबिले तारीफ है – विक्रम रजक, टीआई, सिटी कोतवाली

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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