अम्रतसर दुर्घटना पर रेलवे ने पल्ला झाड़ा, कहा-इमरजेंसी ब्रेक लगाते तो हो सकता था बड़ा हादसा

अमृतसर। अमृतसर को जोड़ा फाटक पर शुक्रवार को रावण दहन के दौरान ट्रेन से कटकर 60 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद अब यह सवाल खड़ा हुआ है कि इस दर्दनाक हादसे का जिम्मेदार कौन है। जहां प्रशासन ने इससे पल्ला झाड़ा है वहीं आयोजक ने भी अनुमित होने की बात कही है। इस बीच अब रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी की बयान आया है।
लोहानी ने हादसे के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में रेलवे की कोई गलती नहीं। स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार है। ड्राइवर ने ब्रेक लगाए थे लेकिन ट्रेन अपनी निर्धारित स्पीड से थोड़ा धीमी हुई। कानून स्पष्ट है कि ट्रैक पर किसी की मौजूदगी के लिए वो व्यक्ति खुद जिम्मेदार होता है। आयोजन को लेकर रेलवे को प्रशासन की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई थी।
उन्होंने आगे कहा कि “ड्राइवर ने स्पीड कम की थी, अगर इमरजेंसी ब्रेक लगाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। दुर्घटनास्थल पर अंधेरा था, ट्रैक थोड़ा मुड़ाव में था इसलिए ड्राइवर को ट्रैक पर बैठे लोग नजर नहीं आए। वहीं गेटमैन की जिम्मेदारी सिर्फ गेट की होती है। हादसा इंटरमीडिएट सेक्शन पर हुआ है जो कि एक गेट से 400 मीटर दूर है, वहीं दूसरे गेट से 1 किलोमीटर दूर है।”
बता दें कि इससे पहले उत्तर रेलवे के जीएम वी चौबे, चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने घटनास्थल का दौरा किया था और हादसे पर दुख जताया था। इस दौरान जीएम चौबे ने भी कहा था कि दशहरा पर्व की कोई जानकारी रेलवे के पास नहीं थी और न ही पता था कि ट्रैक पर इतने लोग मौजूद है। इसकी जांच की जाएगी।








