
भोपाल। बाबा बर्फानी के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को अब अमरनाथ यात्रा के दौरान ठहरने के लिए कम रुपए देने होंगे। श्राइन बोर्ड ने अमरनाथ यात्रा के रास्ते में बनने वाले हट्स का किराया निर्धारित कर दिया है। इसमें यात्रियों को सहूलियत प्रदान करते हुए हट्स का प्रति व्यक्ति किराया 300 रुपए रखा गया है। एक हट में अधिकतम 4 यात्री रह सकेंगे, जिसका किराया चारों से अलग-अलग लिया जाएगा। पहले यात्रियों की संख्या एक हो या चार उन्हें पूरे 1200 रुपए ही हट्स में ठहरने के लिए चुकाने होते थे। इन हट्स में पलंग, बिजली, पानी के साथ ही टॉयलेट की सुविधा भी रहेगी।
श्राइन बोर्ड द्वारा इस बार अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को लॉकर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। लॉकर का किराया 24 घंटे के लिए महज 10 रुपए रहेगा। ओम शिव शक्ति सेवा मंडल के सचिव रिंकू भटेजा ने बताया कि पिछले साल बालटाल में यात्रियों के लिए लॉकर की सुविधा थी। ऐसे में श्रद्धालुओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता था। भोले के भक्तों को अपना महंगा सामान भी मजबूरन कश्मीरियों के भरोसे छोड़ना पड़ता था। आए दिन चोरी होने की घटनाएं होती थीं। लेकिन, श्रद्धालु कुछ कर भी नहीं पाते थे। इस बार श्राइन बोर्ड द्वारा बालटाल व नौग्राम के साथ ही बाबा बर्फानी के भवन में भी लॉकर सुविधा दी जा रही है। इसके लिए श्रद्धालुओं को महज 10 रुपए चुकाने होंगे।
हेलीकॉप्टर के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू
बाबा बर्फानी के दर्शन करने जाने वाले अमरनाथ यात्रियों ने हेलीकॉप्टर के लिए भी बड़ी संख्या ऑनलाइन बुकिंग करना शुरू कर दी है। एक अनुमान के मुताबिक 5 फीसदी अमरनाथ यात्री हेलीकॉप्टर से बाबा बर्फानी के दर्शन करने पहुंचते हैं। नीलघाट से पंचतरणी तक हेलीकॉप्टर का किराया 1600 रुपए एवं पहलगांव से पंचतरणी तक का किराया 2751 रुपए एक तरफ से निर्धारित किया गया है। स्पॉट रजिस्ट्रेशन करके भी श्रद्धालु हेलीकॉप्टर में सफर कर सकते हैं।
ले जाना न भूलें जरूरी सामान
अमरनाथ यात्रा के लिए सामान पैक करते समय जरूरी सामान रखना न भूलें। अमरनाथ यात्री अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन कार्ड, पहचान पत्र, टू-पीस रेन कोट, गर्म कपड़े, हैंड ग्लब्ज, मंकी कैप, अच्छे ग्रिप वाले जूते व जरूरी दवाएं भी जरूर रखें। रिंकू भटेजा का कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालु खच्चर व घोड़े किराए से लेने से पहले उनका रजिस्ट्रेशन कार्ड व पहचान पत्र जरूर लें। क्योंकि खच्चर व घोड़े वालों के सामान लेकर भाग जाने की घटनाएं वहां आम हैं।









