एमडीएच के मालिक चुन्नी लाल के निधन की खबर झूठी
नई दिल्ली। एमडीएच के मालिक चुन्नी लाल के निधन की खबर झूठी है वह जीवित हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं। सोशल मीडिया पर एमडीएच संस्थापक के निधन की अफवाह वायरल हो गई थी। कंपनी और परिजन के पास लगातार फोन आने के बाद कंपनी की तरफ एक एक वीडियो जारी किया जिसमें गुलाटी गायत्री मंत्र का पाठ करते नजर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि खबर आई थी कि एमडीएच मसालों के विज्ञापनों में दिखाई देने वाले एमडीएच के मालिक गुलाटी का 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया। दिल्ली के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली।
महाशय जी के नाम से जाने जाने वाले गुटाली का जन्म पाकिस्तान के सियालकोट में 1922 को मौहल्ला मियानापुर में हुआ। बंटवारे के बाद उनका परिवार दिल्ली आ गया। फिर उन्होंने मसाले का काम शुरू किया और आज एमडीएच मसाला देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में मसालों के लिए जाना जाता है। महाशय धर्मपाल गुलाटी उर्फ चुन्नी लाल एक सफल उद्योगपति हैं तथा उन्होंने अपने जीवन में काफी संघर्ष किया ।
1959 में महाशय धर्मपाल ने दिल्ली के कीर्ति नगर में मसाला पीसने की फैक्ट्री लगाई और फर्श से अर्श का सफर शुरू हो गया। आज एमडीएच की देशभर में 15 फैक्ट्री हैं। उनकी कंपनी 100 देशों में मसाले एक्सपोर्ट करती है। उनके बेटे सारा काम संभालते हैं और छह बेटियां डिस्ट्रीब्यूशन का काम।
एमडीएच मसाला फैक्टी का नाम महाशियन दी हट्टी कहा जाता है। आज इस मसाले का नाम देश ही नहीं, पूरी दुनिया में है। एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017 में धर्मपाल गुलाटी सबसे ज्यादा बिकने वाले एफएमसीजी प्रोडक्ट के सीईओ बने।
शुरू में धर्मपाल जी ने ‘शीशे’ का करोबार किया, पर वह चला नहीं। इसके बाद उन्होंने लकड़ी के फर्नीचर आदि का काम किया, साबुन बेचे, हार्डवेयर की दुकान खोली, लेकिन सफलता नहीं मिली। तब वह अपने पिता की दुकान ‘महाशियां दी हट्टी’ पर आए, जो देगी मिर्च के लिए बहुत प्रसिद्ध है

