मध्यप्रदेश

…अब खाली हो जाएगा MP राज्यमंत्रालय, रिटायर हो रहे 4 हजार कर्मचारी

भोपाल । मध्यप्रदेश के राज्यमंत्रालय के खाली होने के हालात बन गए हैं…क्योंकि प्रदेश के तमाम महकमों में कार्यरत करीब चार हजार कर्मचारी रिटायर (सेवानिवृत)हो रहे हैं। ये वे कर्मचारी हैं, जो कई सालों से प्रमोशन के लिए इंतजार-रत थे। यही स्थिति इसलिए भी बनीं, क्योंकि मध्यप्रदेश सरकार अब तक इन कर्मचारियों-अधिकारियों की सेवा वृद्धि और प्रमोशन को लेकर कोई फैसला नहीं सकी है। बताते हैं कि इस तरह से मध्यप्रदेश भर में कार्यरत कोई 10 हजार से ज्यादा कर्मचारी 31 दिसंबर 2020 तक बिना प्रमोशन के रिटायर्ड हो जाएंगे।

क्यों अटका प्रमोशन का फैसला
उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2016 में मप्र हाईकोर्ट ने प्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण पर रोक लगा दी थी। इसके विरोध में राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई। सुप्रीम कोर्ट में मामले की डबल बेंच सुनवाई कर रही थी। इसमें एम नागराज बनाम भारत संघ प्रकरण को आधार बनाकर सुनवाई की जा रही थी। इसी बीच एम नागराज प्रकरण को चुनौती दी गई। जिससे डबल बेंच ने इस मामले को पांच सदस्यीय खंडपीठ में भेज दिया। जिस पर सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने पिछले साल 26 सितंबर के अपने फैसले में कहा कि पदोन्नति में आरक्षण दिया जाना संवैधानिक बाध्यता नहीं है। राज्य चाहे तो आरक्षण दे सकता है। पीठ के इस फैसले के बाद एक बार फिर से मामला सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच में चला गया। जिसमें मप्र हाईकोर्ट के दिए फैसले को लेकर सुनवाई की जा रही है। इसी के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि मप्र में पदोन्नति में आरक्षण दिया जाएगा या नहीं।

रिटायर्ड कर्मचारियों के भुगतान को लेकर असमंजस
बताते हैं कि आज जो कर्मचारी-अधिकारी रिटायर होंगे, उन कर्मचारी-अधिकारियों को उनके स्वत्वों का भुगतान कब हो पाएगा, इसको लेकर भी सरकार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि अभी तक सरकार ने यह साफ नहीं किया है कि इन रिटायर्ड कर्मचािरयों को लॉकडाउन के चलते कब तक उनके स्वत्वों का भुगतान होगा। हालांकि आज रिटायर हो रहे ये वे कर्मचारी-अधिकारी हैं, जो दो साल पहले ही होने वाले थेे, लेकिन तब शिवराज सरकार ने विधानसभा चुनावों को देखते हुए इनकी सेवा आयु में दो साल की वृद्वि कर दी थी।

विभागों में ठप हो जाएगा सरकारी काम
राज्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि जिस बड़ी संख्या में राज्यमंत्रालय और तमाम सरकारी विभागों में पदस्थ कर्मचारी-अधिकारियों का आज रिटायरमेंट हो रहा है, उससे राज्यमंत्रालय सहित कई प्रमुख महकमों में कामकाज पूर्णत: ठप हो जाएगा। क्योंकि रिटायर होने वाले में कर्मचारी-अधिकारियों की संख्या अधिक होने से उनकी जवाबदारी अधीनस्थ कर्मचारियों को नहीं दी जा सकती है। राज्यमंत्रालय में जो अधिकारी-कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं, उनमें अधिसंख्या उप सचिव, अनुभाग अधिकारी और सहायक ग्रेड स्तर के कर्मचारी शामिल हैं।

सरकार ने नहीं की कोई ठोस तैयारी
राज्य सरकार ने इतनी तादाद में एक साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के रिटायरमेंट होने की स्थिति को देखते हुए अब तक कोई ठोस तैयारी नहीं की है। सुप्रीम कोर्ट में प्रमोशन का आरक्षण का मामला होने से कर्मचारियों की प्रमोशन प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई। तथा नई भर्ती करने का रास्ता भी फिलहाल सरकार ने साफ नहीं किया है।

किसको कितनी राशि का भुगतान होना है
जानकारी के अनुसार प्रत्येक रिटायर्ड कर्मचारी को 20 लाख से 50 लाख तक का औसतन स्वत्वों का भुगतान किया जाना है। इनमें प्रथम श्रेणी अधिकारी को औसतन 50 लाख, द्वितीय श्रेणी के अधिकारी को 40लाख, तृतीय श्रेणी कर्मचारी को 30 लाख और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को 20 लाख रुपए के स्वत्वों का भुगतान होना है। इस तरह से आज जो चार हजार कर्मचारी-अधिकारी रिटायर्ड हो रहे हैं, उन्हें करीब 1200 करोड़ रुपए का भुगतान होना है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम